मां ने अपने डेढ़ साल के बच्चे को दी दर्दनाक मौत, वजह जान के रह जाएंगे हैरान

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गोरखपुर। डेढ़ साल के दुधमुंहे की कातिल कोई और नहीं बल्कि उसकी अपनी मां ही निकली। मां ने अपनी बड़ी बहनों को फंसाने के लिए अपने बच्चे की जान ले ली। उसने मासूम को पानी की टंकी में डालकर ऊपर से ढक्कन बंद कर दिया था जिससे बच्चे की डूबने से मौत हो गई थी। महिला ने बेटे के कत्ल की जो वजह बताई है वह भी समझ में परे है। उसका कहना है कि बच्चा उसे बहुत परेशान करता था। वह काफी चंचल था। इसलिए वह बेटे की जान लेकर अपनी परेशानी खत्म करने के साथ ही अपनी बहनों को भी फंसाना चाहती थी।
गोरखपुर के गगहा थाना क्षेत्र जगदीशपुर भलुआन निवासी धर्मेन्द्र सिंह की ससुराल बेलीपार के भीटी गांव में है। मंगलवार को धर्मेन्द्र की पत्नी मनोरमा अपनी बेटी और डेढ़ साल के बेटे अनिकेत के साथ मायके गई थी। मंगलवार की रात में ही अनिकेत रहस्यमय हाल में गायब हो गया था। बुधवार को धर्मेन्द्र को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने बेलीपार पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने भीटी गांव में पहुंच कर बच्चे की तलाश शुरू की। पानी की टंकी को चेक किया तो उसमें शव पड़ा था। अनिकेत के पिता धर्मेन्द्र सिंह ने अपनी पत्नी की दो बड़ी विवाहित बहनों शशि और वंदना तथा ससुर आनंद स्वरूप उर्फ अंधन सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया था।
शक के आधार पर पकड़ी गई मनोरमा ने कबूला शक
नामजदों से पूछताछ के बाद पुलिस को कोई खास क्लू नहीं मिला तो मनोरमा को हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ में वह टूट गई। उसने पुलिस को बताया कि मंगलवार की रात में उसने ही अपने बेटे को पानी की टंकी में डाल दिया था। मनोरमा ने कहा कि वह अपनी बड़ी बहनों को फंसाना चाहती थीं। उसकी बहनें शुरू से ही उससे दुश्मनी रखती थीं, अक्सर उसकी बेइज्जती करती रहती थीं। जब उसे पता चला कि बहनें मायके आई हैं तो वह भी मायके चली गई और उसने यह हरकत कर दी। मनोरमा ने कहा कि अनिकेत उसे बहुत पेरशान करता था। उसे रास्ते से हटाकर बहनों को फंसाना चाहती थी। फिलहाल मनोरमा को बेटे की हत्या पर कोई पछतावा नहीं दिख रहा था।
पिता और पति मनोरमा की इस हरकत से हैरान
मनोरमा के पिता ने कहा कि वह बेटी की हरकत बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। पति धर्मेन्द्र का कहना है कि मुझे समझ में ही नहीं आ रहा है कि मनोरमा ने यह हरकत क्यों की। बेटे की जान लेकर उसे क्या मिला। वहीं बहनों का कहना है कि उन्हें यह तो लग रहा था कि कुछ गड़बड़ है पर यह यकीन नहीं हो रहा था कि कोई मां अपने बेटे की जान ले लेगी। बहनों ने कहा कि मनोरमा ने शुरू से ही पिता जी का सिर नीचा किया है। उसने कई ऐसी हरकत की जिससे पूरे परिवार को दुख पहुंचा। अब बेटे की हत्या कर उसने घिनौना पाप किया है।
छोटे भाई को याद कर रही है बहन
अनिकेत की मौत से सबसे ज्यादा दुखी उसकी सात साल की बहन है। बहन अब भी अनिकेत को तलाश रही है चीख रही है। बहन का कहना है कि जब वह स्कूल जाती तो अनिकत उसे सड़क तक छोड़ने जाता था वह अक्सर उसे दीदी-दीदी कहकर पुकारता रहता था। वह कहां चला गया?
मासूम बच्चे की हत्या उसकी मां ने ही की थी। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मां का कहना है कि बच्चे से परेशान होकर उसने उसे पानी की टंकी में डाल दिया था। पूछताछ की जा रही है। शनिवार को घटना का खुलासा किया जाएगा।
उपेन्द्र मिश्र, बेलीपार थानेदार
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