साल पहले पड़े खाद्य विभाग के छापे में ADM Court ने किया था दो लाख का जुर्माना

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इंदौर। शहर के छोटा बांगड़दा क्षेत्र में आलू चिप्स बनाने के एक कारखाने पर करीब दो साल पहले हुई छापामार कार्रवाई में एडीएम कोर्ट ने आरोपित फर्म और इसकी भागीदारी फर्म के संचालकों पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले में अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर ने जुर्माने की राशि 30 दिन के भीतर जमा कराने के आदेश जारी किए हैं।

दरअसल, जुलाई 2019 में खाद्य और औषधि प्रशासन के दल ने छोटा बांगड़दा में मां इंटरप्राइजेस की जांच की। इस दौरान यहां बालाजी वेफर्स का संग्रहण और बिक्री पाई गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने यहां से खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए भोपाल प्रयोगशाला भेजे। जांच रिपोर्ट में यह सामग्री मिथ्या छाप पाई गई। तब खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत दोनों फर्मों के कर्ताधर्ताओं के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर मामला एडीएम कोर्ट में पेश किया गया।

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एडीएम ने सभी पक्षों को सुनने और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद गुरुवार को अपना फैसला दिया। इसमें आरोपितों पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। आरोपितों में मां इंटरप्राइजेस के संचालक रिंकेश चौधरी, कटारिया इंटरप्राइजेस के वल्लभभाई कटारिया एटलांटिस अपार्टमेंट और राजकोट, रिमल वी कटारिया, बालाजी वेफर्स सोनवाय और भैंसलाय के जुबिन जॉब शामिल हैं।

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