Corona Vaccine: वैक्सीन निर्यात पर रोक नहीं, चरणबद्ध ढंग से साझेदार देशों को जारी रहेगी आपूर्ति

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मीडिया में कोरोना वैक्सीन के निर्यात पर पाबंदी की खबर आने के बाद सरकारी सूत्रों ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि साझेदार देशों को वैक्सीन की आपूर्ति को लेकर भारत के रवैये में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कई अन्य देशों के उलट भारत ने इनके निर्यात पर रोक नहीं लगाई है। सूत्रों ने स्पष्ट कहा कि कोवैक्स अभियान के तहत हम विश्व की मदद करते रहेंगे। हमारी मौजूदा उत्पादन क्षमता व जरूरतों को देखते हुए समय-समय पर इनकी आपूर्ति कार्यक्रम की समीक्षा व उसमें परिवर्तन करना होता है। सभी साझेदारों को इसमें सहयोग करना चाहिए। 

80 देशों को भेजे छह करोड़ टीके
भारत ने विदेशों में टीके की आपूर्ति 20 जनवरी से शुरू की थी। अब तक करीब 80 देशों में छह करोड़ चार लाख खुराक भेजी जा चुकी है। 
एक अप्रैल से 45 पार वालों को लगेंगे टीके
देश में बढ़ते संक्रमण के साथ ही केंद्र व राज्य सरकारों ने भी हालात से निपटने के कदम तेज कर दिए हैं। पाबंदियों पर सख्ती से अमल के साथ ही टीकाकरण को भी तेज किया जा रहा है। एक अप्रैल से टीकाकरण के तीसरे चरण में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को भी टीके लगना शुरू हो जाएंगे। इससे देश में टीकों की मांग तेजी से बढ़ेगी। 

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बता दें, देश में 16 जनवरी को देशव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था। पहले चरण फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीके लगाए गए थे। इसके बाद दो फरवरी से 60 साल से अधिक उम्र के लोगों व गंभीर बीमारी के शिकार लोगों का टीकाकरण शुरू हुआ। अब एक अप्रैल से तीसरे चरण में 45 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को टीके लगाए जाएंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की कोवैक्स योजना के तहत भारत ने अब तक 80 देशों में वैक्सीन की छह करोड़ से ज्यादा खुराक भेजी हैं। 

हर्षवर्धन ने कहा था-देशवासियों की कीमत पर निर्यात नहीं
बता दें कि पिछले सप्ताह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने राज्यसभा में कहा था कि देशवासियों की कीमत पर भारत टीके का निर्यात नहीं करेगा। उन्होंने कहा वह संसद के माध्यम से विश्वास दिलाना चाहते हैं कि कोरोना टीके का निर्यात सरकार प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर कर रही है। कहीं से भी भारतीय नागरिकों की कीमत पर टीके को बाहरी देशों को नहीं बेचा जा रहा है। इसके लिए सरकार के उच्चतम स्तर और समितियों के विशेषज्ञ सामंजस्य बैठाकर इसके लिए स्वीकृति प्रदान कर रहे हैं। वर्धन पहले भारतीय को टीका लगाने की सांसदों द्वारा उठाए गए सवालों और पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे।

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कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने उठाया था धीमी गति से टीकाकरण का मुद्दा
शून्यकाल में कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने कोरोना के लगातार बढ़ने और धीमी गति हो रहे टीकाकरण का मुद्दा उठाया। सिंह ने कहा कोरोना खतरनाक गति से बढ़ रहा है। अब तक केवल 0.35 फीसदी लोगों को ही टीका लगा है। इस दर पर पूरी आबादी को टीकाकरण करने में 18 साल लगेंगे।

उन्होंने सरकार से टीकाकरण को गति देने का अनुरोध किया। गोहिल ने कहा टीकाकरण की दर को भी कम करना चाहिए। इससे आम जन भी तेजी के साथ बचाव के लिए टीका लगवा सकेंगे। उन्होंने कहा केंद्र सरकार को वैक्सीन ड्राइव के विभिन्न कारकों को ध्यान में रखकर टीकाकरण अभियानों का संयोजन करना चाहिए।

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