ट्वीट कर फंसे नाथ, कांग्रेस सरकार ने ही दी थी होटल परिसर में शराब परोसने की अनुमति

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Madhya Pradesh Politics: भोपाल । पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का एक ट्वीट उन्हीं पर भारी पड़ गया। नाथ ने ट्वीट कर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नशामुक्ति और शराबबंदी का दावा मात्र दिखावा है। अब शिवराज सरकार बार को दो बजे तक खोलने और होटल परिसर में शराब परोसने की अनुमति दे रही है। जब इसकी हकीकत की पड़ताल की गई तो मामला उल्टा निकला। होटल में बार के अलावा पार्क और परिसर में शराब परोसने का नियम उनकी सरकार ने ही बनाया था। 27 जुलाई 2019 को नाथ सरकार द्वारा बनाई आबकारी नीति 2019-20 में ही ये प्रविधान किए गए थे।

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परिपत्र में इसका उल्लेख है कि बार लाइसेंसी से फीस लेकर डेढ़ बजे तक शराब की बिक्री करने और दो बजे तक उपभोग करने की अनुमति दी गई। कमल नाथ सरकार ने ही 2020-21 की आबकारी नीति में भी ये प्रविधान जारी रखे। बार में शराब की भंडारण क्षमता भी 25 फीसद बढ़ाई गई थी। शिवराज सरकार ने इन्हीं प्रविधानों को मई 2021 तक आगे बढ़ाया है।

20 मार्च 2020 को कमल नाथ सरकार गिर गई थी, लेकिन तब तक आबकारी नीति मंजूर कर शराब ठेकों की नीलामी कर दी थी। इन ठेकों की वैधता मई तक है। ऐसे में शिवराज सरकार ने मई तक ही इन नियमों को आगे बढ़ाने की अनुमति दी है।

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यह कहा था कमल नाथ ने

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने ट्वीट कर सरकार की कथनी और करनी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नशाबंदी और शराबबंदी की बात सिर्फ जुमला बनकर रह गई है। शिवराज सरकार ने जो नीति मंजूर की है, उससे साफ है उसकी सोच क्या है। बार संचालकों को दोगुना शराब भंडारण की अनुमति रहेगी। बार के अलावा परिसर में भी शराब मिलेगी। रेस्टोरेंट, बार, क्लब और होटल में नाममात्र का शुल्क देकर रात दो बजे तक शराब परोसी जाएगी।

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