कोरोना को लेकर गृह मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन, 1 से 30 अप्रैल तक रहेगी लागू, जानिये क्‍या खुला क्‍या बंद रहेगा

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Corona Guideline 2021: कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर गृह मंत्रालय ने प्रभावी नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है जो 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी होगा और 30 अप्रैल, 2021 तक लागू रहेगा।

यह दिशा-निर्देश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को देश के सभी हिस्सों में टेस्ट, ट्रैकिंग और ट्रीट प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने के लिए बाध्य करता है।

नए दिशा निर्देश के तहत राज्य अपने मूल्यांकन के आधार पर स्थानीय रूप से प्रतिबंध ला सकते हैं, लेकिन कोविड कंटेनमेंट जोन के बाहर किसी गतिविधि पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।

इसमें कहा गया कि जिन राज्यों में आरटी-पीसीआर परीक्षणों का अनुपात कम है, उन्हें तेजी से बढ़ाकर 70 प्रतिशत या उससे अधिक कर देना चाहिए।

गहन टेस्‍ट के परिणामस्वरूप पाए गए नए पॉजिटिव मामलों को जल्द से जल्द और समय पर उपचार प्रदान करने के लिए क्‍वारंटीन करने की आवश्यकता है।

इसमें कहा गया कि कोरोना के पॉजिटिव मामलों और उनके संपर्कों की ट्रैकिंग के आधार पर जिला अधिकारियों को कंटेंट जोन को चिन्हित करना होगा और उन्हें वेबसाइटों पर सूचित करना होगा।

कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश

राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों को परीक्षण-निगरानी-उपचार प्रोटोकॉल, रोकथाम के उपाय, कोविड-उपयुक्त व्यवहार और विभिन्न गतिविधियों पर एसओपी सख्ती से लागू करने के आदेश दिए गए

गृह मंत्रालय (एमएचए) ने कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देशों के साथ आज एक आदेश जारी किया, जो 1 अप्रैल, 2021 से लागू होगा और 30 अप्रैल, 2021 तक प्रभावी रहेगा।

दिशानिर्देशों का मुख्य जोर कोविड-19 के प्रसार पर रोकथाम के प्रयासों से प्राप्त लाभों को समेकित करने पर है, जो लगभग 5 महीनों तक लगातार सक्रिय मामलों की संख्या में कमी के रूप में दिखाई दिए थे।

देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 से मामलों में फिर से आई तेजी को देखते हुए, इन दिशानिर्देशों में राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारों के लिए देश के सभी हिस्सों में परीक्षण- निगरानी- उपचार को सख्ती के साथ लागू करने; हर किसी के द्वारा कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन सुनिश्चित करने; और सभी लक्षित समूहों को शामिल करने के लिए टीकाकरण अभियान को बढ़ाने का आदेश दिया गया है।

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इस बात भी जोर दिया गया है कि सफलता से गतिविधियों को फिर से शुरू करना और महामारी से पूरी तरह उबरना सुनिश्चित करने के लिए सुझाई गई गई रोकथाम की रणनीति को सख्ती से लागू करने और एमएचए तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) और राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारों द्वारा जारी दिशानिर्देशों/ एसओपी की सख्ती से निगरानी करने की जरूरत है।

परीक्षण- निगरानी- उपचार प्रोटोकॉल

राज्य और संघ शासित क्षेत्र, जहां आरटी-पीसीआर परीक्षणों का अनुपात कम है, को इसमें तेजी लानी चाहिए जिससे सुझाए गए 70 प्रतिशत या उससे ज्यादा के स्तर को हासिल किया जा सके।

व्यापक परीक्षण के परिणाम स्वरूप सामने आए नए पॉजिटिव मामलों में मरीजों को जल्द से जल्द आइसोलेट/ क्वारंटाइन करने और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने की जरूरत है।

प्रोटोकॉल के अनुसार, उनके संपर्कों के बारे में जल्द से जल्द पता लगाने और इसी प्रकार आइसोलेट/ क्वारंटाइन करना है।

पॉजिटिव मामलों और उनके संपर्कों की निगरानी के आधार पर, जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में एमओएचएफडब्ल्यू द्वारा सुझाए गए दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए सूक्ष्म स्तर पर सतर्कतापूर्वक नियंत्रण क्षेत्रों का सीमांकन किया जाएगा।

संबंधित जिलाधिकारियों और राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों के द्वारा वेबसाइट पर नियंत्रण क्षेत्रों को अधिसूचित किया जाएगा। यह सूची नियमित आधार पर एमओएचएफडब्ल्यू के साथ भी साझा की जाएगी।

सीमांकित नियंत्रण क्षेत्रों के भीतर, एमओएचएफडब्ल्यू द्वारा सुझाए गए उपायों के तहत रोकथाम के उपायों का बेहद सावधानी से पालन किया जाएगा, जिसमें सख्त परिधीय नियंत्रण, गहन घर-घर निगरानी, संपर्कों का पता लगाना, आईएलआई/एसएआरआई मामलों की निगरानी आदि शामिल है।

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स्थानीय जिला, पुलिस और नगर निगम अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेह बनाया जाएगा कि सुझाए गए रोकथाम के उपायों का सख्ती से पालन किया जाए और राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारों को इससे संबंधित अधिकारियों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करनी होगी।

कोविड उपयुक्त व्यवहार

राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारें कार्यस्थलों और सार्वजनिक, विशेषकर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगी।

फेस मास्क पहनना, हाथों की सफाई, सामाजिक दूरी को सख्ती से लागू करने के लिए राज्यों और संघ शासित क्षेत्र उपयुक्त जुर्माना लगाने सहित प्रशासनिक कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं।

कोविड-19 प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देशों का देश भर में पालन जारी रहेगा, जिससे कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार लागू हो।

स्थानीय प्रतिबंध

राज्यों और संघ शासित क्षेत्र हालात के अपने आकलन के आधार पर कोविड-19 के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से जिला/ उप जिला और शहर/ वार्ड स्तर पर प्रतिबंध लगा सकते हैं।

अंतर राज्यीय और राज्यों में आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं

लोगों और सामान की अंतर राज्यीय और राज्यों के भीतर आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा, जिसमें पड़ोसी देशों के साथ संधियों के तहत सीमापार व्यापार शामिल है। इस तरह की आवाजाही के लिए अलग से कोई अनुमति/ स्वीकृति/ ई-अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।

सुझाए गए एसओपी का सख्ती से पालन

नियंत्रण क्षेत्रों के बार सभी गतिविधियों के लिए अनुमति है और विभिन्न गतिविधियों के लिए एसओपी जारी किए गए हैं। इनमें शामिल है : यात्री ट्रेनों द्वारा आवाजाही; होटल और रेस्टोरेंट; शॉपिंग मॉल; मल्टीप्लेक्स और एंटरटेनमेंट पार्क; योग केन्द्र और जिम; प्रदर्शनियां, सभाएं और जनसभाएं आदि।

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समय समय पर जारी एसओपी को संबंधित अधिकारियों द्वारा सख्ती से लागू किया जाएगा, जो उनकी सख्ती से निगरानी के लिए जवाबदेह होंगे।

टीकाकरण

भारत सरकार ने कोविड-19 के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया है।

टीकाकरण अभियान सहजता से चल रहा है, हालांकि विभिन्न राज्यों और संघ शासित भक्षत्रों में इसकी गति अलग-अलग है; कुछ राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों में टीकाकरण की धीमी गति चिंता की बात है। मौजूदा परिदृश्य में संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण बेहद अहम है।

इसलिए, सभी राज्य/ संघ शासित क्षेत्रों की सरकारों को टीकाकरण की गति बढ़ानी चाहिए, जिससे तेजी से सभी प्राथमिक समूहों को इसमें शामिल किया जा सके।

 

 

 

 

 

 

 

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