लोकायुक्त टीम को देखते ही रिश्वत के 30 हजार रुपए फेंककर उपयंत्री ने लगाई दौड़, जनिये फिर क्या हुआ

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जबलपुर. मध्यप्रदेश के डिंडौरी बस स्टेंड में दोपहर एक बजे के लगभग अफरातफरी मच गई, जब जबलपुर लोकायुक्त टीम के हत्थे चढ़ते ही उपयंत्री दिनेश मिश्रा ने रिश्वत के 30 हजार रुपए फेंककर दौड़ लगा दी. दिनेश मिश्रा को किसी तरह लोकायुक्त टीम के अधिकारियों ने पकड़ा और  हाथ धुलवाए तो रुपयों में लगा रंग उसके हाथों से निकलने लगा.

इस संबंध में डीएसपी दिलीप झरवड़े ने बताया कि ग्राम रैय्यत बजाग जिला डिंडौरी में रहने वाले ठेकेदार पवन विश्वकर्मा ने ग्राम मिड़की में दो पुलिया के निर्माण किया था, जिसकी लागत 16 लाख 90 हजार रुपए के लगभग रही, जिसमें से 14 लाख रुपए का भुगतान जनपद पंचायत बजाग द्वारा कर दिया गया था, शेष राशि 2 लाख 90 हजार रुपए का भुगतान के  लिए सीसी व टेस्ट रिपोर्ट जारी करने के लिए संविदा उपयंत्री दिनेश मिश्रा द्वारा 75 हजार रुपए की मांग की गई, जिसकी शिकायत पवन विश्वकर्मा ने एसपी अनिल विश्वकर्मा से की, इसके बाद आज पीडि़त पवन विश्वकर्मा रुपए लेकर डिंडौरी बस स्टेंड के समीप राममंदिर के पास पहुंचा.

जहां पर उपयंत्री दिनेश मिश्रा पहले से ही खड़ा रहा, जैसे ही दिनेश मिश्रा ने पवन से रिश्वत के 30 हजार रुपए लिए तभी लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरवड़े, इंस्पेक्टर कमलसिंह उईके सहित अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने दबिश देकर उपयंत्री दिनेश मिश्रा को पकड़ लिया, लोकायुक्त टीम के हत्थे चढ़ते ही दिनेश मिश्रा ने रिश्वत के 30 हजार रुपए सड़क पर फेंके और दौड़ लगा दी. दिनेश मिश्रा को अचानक दौड़ते देख आसपास खड़े लोगों में हड़कम्प मच गया, इसके बाद लोकायुक्त टीम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने पीछा करते हुए उपयंत्री दिनेश मिश्रा को पकड़कर हाथ धुलवाए तो नोटों में लगा रंग हाथों से निकलने लगा. उपयंत्री दिनेश मिश्रा के पकडऩे जाने से क्षेत्र में काफी देर तक अफरातफरी मची रही

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