MP में निकाय चुनाव टलने की सुगबुगाहट के बीच अब निगम मण्डल की कुर्सी की चर्चा इन्हें मिल सकते हैं पद

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भोपाल। निकाय चुनाव के टलने की सुगबुगाहट के बीच अब सत्ता पक्ष में नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। शिवराज सरकार (Shivraj Government) को बने एक साल पूरा हो गया है और निगम मंडलों में नियुक्ति के नाम पर अब कुछ ही नियुक्तियां की गई है। लेकिन अब असंतुष्टो को साधने की कवायद और संतुलन बनाए रखने के प्रयास के लिए निगम मंडलों में जल्द नियुक्तियां की जाएंगी। यदि सब कुछ ठीक चला तो इस माह के अंत में इसकी घोषणा हो सकती है।

23 मार्च 2020 को शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (chief minister shivraj singh chauhan) ने एक महीने बाद पांच मंत्रियों को शपथ दिलाई और उसके कई दिन बाद बाकी का मंत्रिमंडल (cabinet) बनाया। कमोबेश यही हाल निगम मंडलों
(corporation Board) का भी रहा और प्रदीप जायसवाल को खनिज विकास निगम देने के बाद प्रहलाद लोधी और राहुल लोधी को भी कांग्रेस (congress) से बीजेपी (BJP) में आने का उपहार देते हुए निगमों में नियुक्ति की गई। इस बात के भी कयास लगाए जा रहे थे कि ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के गुट के कुछ लोगों को भी निगम मंडलों में नियुक्त किया जाएगा लेकिन एक लंबा वक्त बीत गया और नियुक्तियां अधर में लटकी रही। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य की बात करें तो अभी ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय के चुनाव दूर-दूर तक दिखाई नहीं देते। ऐसे में बीजेपी (BJP) संगठनात्मक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ उन लोगों को भी संतुष्ट करने के प्रयास करेगी जो सत्ता सुख से दूर है।

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बात अगर सिंधिया गुट की करें तो इनमें सबसे पहला नाम इमरती देवी का आता है जो कमलनाथ सरकार में मंत्री रहते हुए विधायकी से इस्तीफा देकर बीजेपी (BJP) में शामिल हो गई थी लेकिन वे चुनाव हार गई और अब सरकार उन्हें निगम मंडल में नियुक्त करने पर विचार कर
सकती है। ईमरती ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्राथमिकता में भी है। इसके साथ-साथ दोनो सरकारो में मंत्री रह चुके गिर्राज दंडोतिया और चुनाव हार चुके विधायक
रणवीर जाटव भी सिंधिया के कोटे से निगम मंडल में एडजस्ट किए जा सकते हैं। सिंधिया के विश्वस्तो में सबसे पहला नाम पंकज चतुर्वेदी का है जो अपनी निर्विवाद और स्वच्छ छवि के चलते कम समय में ही बीजेपी (BJP) में भी चहेते बन गए हैं। उन्हें भी महत्वपूर्ण निगम मंडल में नियुक्त किया जा सकता है। बात अगर बीजेपी (BJP) की करें तो बीजेपी (BJP) में कई ऐसे नेता हैं जो पार्टी में रहते हुए अपनी उपेक्षा से दुखी हैं और सरकार व संगठन उन्हें
लगातार मनाने का प्रयास करता रहा है। ऐसे लोगों में अजय विश्नोई का नाम सबसे पहले आता है। उनके साथ साथ दमोह से बीजेपी (BJP) के कद्दावर नेता जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया को भी दमोह में विधानसभा टिकट ना मिलने की भरपाई निगम मंडल में नियुक्ति देकर की जा सकती है। विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रति वफादारी का इनाम पूर्व मंत्री दीपक जोशी को भी निगम मंडल में नियुक्ति दिला सकता है। इसी के साथ साथ बृजेश लूणावत, डॉक्टर हितेश वाजपेई, रजनीश अग्रवाल, दुर्गेश केसवानी, दीपक विजयवर्गीय जैसे नेताओं को भी पार्टी उपकृत कर सकती है। महिला नेतृत्व की अगर बात की जाए तो इसमें उपमा राय, नेहा बग्गा, तपन तोमर ,राजो
मालवीय वंदना जाचक के नाम भी इस दौड़ में शामिल हैं। हालांकि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत के बीच तय होने के बाद दिल्ली से अंतिम मुहर लगने के पश्चात ही होगा।

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