डाक्टर भी रह गए हैरानः जच्चा 150 व बच्चा साढ़े 4 किलो का, दोनों स्वस्थ

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Gwalior Health News: ग्वालियर। कमला राजा अस्पताल में 18 मार्च को हुई एक गर्भवती की डिलीवरी ने डाक्टराें काे हैरान कर दिया। इसकी वजह गर्भवती का वजन150 किलो हाेना था। वजन अधिक हाेने के कारण सामान्य डिलीवरी संभव नहीं हाे सकी। जब अॉपरेशन किया ताे डाक्टराें के पसीने छूट गए, क्याेंकि वजन अधिक हाेने से जच्चा-बच्चा दाेनाें काे खतरा था। हालांकि गर्भवती ने साढ़े चार किलाे वजनी स्वस्थ बच्चे काे जन्म दिया।

महिला 11 साल बाद गर्भवती हुई थी, इससे पहले उसे एक 12 साल की बच्ची थी। केआरएच की स्त्री एवं प्रसूति राेग विभागाध्यक्ष डा. वृंदा जोशी ने बताया महिला जब गर्भवती हुई तब उसका वजन 80 किलो था, मगर स्वजन ने उसकी अच्छी देखरेख की तो पांच महीने में 70 किलो वजन बढ़ गया। यह वजन ही महिला के लिए परेशानी का कारण बन गया। हालांकि डाक्टरों ने साहस व चुनौती के साथ ऑपरेशन कर महिला के पेट से 4.5 किलो वजनी बच्चा निकाला। अब जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।

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नौ दिन देखरेख तब ऑपरेशन: एसोसिएट प्रो. डा. प्रतिभा गर्ग ने बताया महिला नौ मार्च को केआरएच में भर्ती हुई थी। वजन अधिक होने के कारण डिलीवरी में कई उलझने थीं। सामान्य डिलीवरी नहीं हुई तो ऑपरेशन का निर्णय लिया गया, लेकिन कठनाई थी बेहोशी और उसके बाद होश में लाने की। अधिक वजन होने से गर्भवती को फेफड़े, लिवर, धमनियां, हृदय व गर्भ में पल रहे शिशु को खतरा होता है। डा. प्रीति गोयल, डा. अभिषेक गुप्ता, डा. जिंदल, डा. कुशल जेठानी की टीम ने महिला की दो बार जांच करने पर कमर से नीचे के हिस्से काे सुन्न करने का निर्णय लिया, तब ऑपरेशन संभव हो सका।

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दो लोगों ने सिर्फ पेट संभालाः18 मार्च को सुबह साढ़े दस बजे गर्भवती को लेबर रूम में ले जाकर बेहोश किया गया। इसके बाद ऑपरेशन शुरू हुआ, जिसमें एक सिस्टर व डाक्टर को महिला का पेट संभालने की जिम्मेदारी दी थी। चार डाक्टरों ने मिलकर बच्चे को पेट से बाहर निकाला। ऑपरेशन डा. वृन्दा जोशी के नेतृत्व में डा.प्रतिभा गर्ग, डा.दिव्या सिंहा, डा.कीर्ति नागेश, डा. शिवानी जैन, डा. ज्योत्सना, डा. दिव्यांशी, डा. वंशिका एवं सिस्टर आकांक्षा तथा आइसीयू प्रभारी डा. वैशाली की मेहनत से संभव हो सका।

अधिक वजन से यह होती परेशानीः शरीर में अधिक वजन बढ़ने से मधुमेह रोग, थायराइड रोग,बीपी व हृदय संबंधी परेशानी होने लगती है। महिला का भी वजन बढ़ने से इन परेशानियों की शुरुआत हो चुकी थी। इंसुलिन व थायराइड घटने लगा था। पर यह शुरुआती दौर था, इसलिए ऑपरेशन हो सका। शरीर का सिस्टम, शरीर का अधिकतम 70 किलो वजन तक उठाने के लिए बना होता है। इससे अधिक होने पर शरीर में कई तरह की बीमारियां घेर लेती हैं।

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ध्यान दें आपका लाढ़-प्यार परेशानी तो नहीं बन रहाः स्त्रीरोग विशेषज्ञ डा.वृंदा जोशी का कहना है कि गर्भ धारण पर महिला का 10 से 11 किलो वजन बढ़ जाता है। यदि इससे अधिक बढ़ रहा है तो फिर डाक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है। लाढ़-प्यार तो जरूरी है पर पाैष्टिक भोजन के साथ शरीर को एक्टिव रखना आवश्यक है। घर में अधिक बैठने व लेटने से भी परेशानी खड़ी हो जाती है।

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