कटनी में कोरोना की एक वर्ष की यादें जिन्हें आप चाहेंगे भूलना

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कटनी.कोरोना की एक वर्ष की यादें आप भूलना ही चाहेंगे लेकिन इसके दूसरी बार दस्तक ने लोगों को न सिर्फ चिंता में डाल दिया वरन फिर से इससे निपटने लापरवाही और नजर अंदाजी न करने की ओर इशारा कर दिया है।

कोरोना संक्रमण की चुनौती से निपटते हुए जिले ने एक साल पूरा कर लिया। हम आज ही एक साल इसलिए कह रहे हैं क्योंकि महाकौशल की राजधानी जबलपुर में कोरोना का पहला मामला बीते वर्ष 19 मार्च को ही सामने आया था। उस समय भी कटनी में इस बीमारी से निपटने की चुनौती कम नहीं थी। 19 मार्च को कटनी में बैंकाक और मलेशिया से पहुंचे 11 लोगों की कोरोना जांच के लिए नमूने लिए थे।

हालांकि कोरोना की चुनौती से निपटने में कटनी प्रदेश के दूसरे जिलों से कहीं बेहतर रहा। शुरूआत के कई महीने यहां कोरोना पॉजिटिव नहीं मिले। कोरोना पॉजिटिव का पहला मामला कटनी में 29 अप्रैल को सामने आया। जब जिला अस्पताल मेंं 26 अप्रैल को सिहोरा से इलाज के लिए भर्ती 42 वर्षीय महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस साल में शहर से लेकर गांव-गांव कोरोना की चुनौती से निपटने में कहीं पीछे नहीं रहा। कई गांव में ग्रामीणों ने मार्च और अप्रैल के महीने में गांव बंदी कर दी।

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लोगों का प्रवेश गांव में तभी हुआ जब क्वॉरंटीन अवधि पूरी हो गई। कोरोना का दुष्प्रभाव भी इस शहर ने देखा। मुख्य शाखा स्टेट बैंक में एक कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो जुलाई के पहले सप्ताह में लगातार तीन दिन तक बैंक बंद रहा। लॉकडाउन में खाने पीने की वस्तुओं की किल्लत नहीं हो इसके लिए समाजसेवियों ने कड़ी मेहनत की। दिन-दिन भर पसीना बहाया और जरूरतमंदों तक अनाज व खाने की वस्तु पहुंचाई।

एक साल में जिलेभर में 21 ऐसे लोग रहे जिन्हे कोरोना संक्रमण ने हमसे छीन लिया तो 2 हजार 284 ऐसे लोग रहे जो पॉजिटिव होने के बाद भी कोरोना को मात देने में सफल रहे। धीरे-धीरे समय बीतता गया और 16 जनवरी को वह दिन आया जब जिला अस्पताल में कोविड-19 वैक्सीनेशन का शुभारंभ हुआ।

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आंकड़ों से जानें एक साल में कोरोना का प्रभाव
– 85 हजार 607 लोगों की अब तक कोरोना जांच हुई।
– 2 हजार 331 लोग अब तक कोरोना पॉजिटिव मिले।
– 2 हजार 284 लोगों ने कोरोना को मात दी, इलाज में ठीक हुए।
– 21 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई।
– 238 ऐसे नमूने रहे जिनकी रिपोर्ट लैब से नहीं मिली।
– 578 नमूनों को लैब से रिजेक्ट किया गया, दोबारा भेजा गया।
– 81 हजार 962 लोगों की रिपोर्ट अब तक जांच में निगेटिव आई है।
– 26 एक्टिव केस, शुक्रवार को 6 नए मामले आए सामने।
– 19 का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है।

 

कोरोना में बढ़ी स्वास्थ्य सुविधाएं- 7 वेंटीलेटर, आइसीयू और सीटी स्कैन की सुविधा मिली
कोरोना संक्रमण और इसकी चुनौती से निपटने के दौरान जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा हुआ। जिला अस्पताल में आइसीयू चालू हुई। 7 वेंटीलेटर की सुविधा के साथ ही सीटी स्कैन की सुविधा मिली। जिला अस्पताल के सीएस डॉ. यशवंत वर्मा बताते हैं कि डेढ़ बिस्तर का नया भवन जल्द पूर्ण होगा और जिला अस्पताल में कुल बिस्तरों की संख्या 350 हो जाएगी।

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यह भी जानें
– 20 मार्च को कटनी से गुजरने वाली 14 जोड़ी ट्रेनें रद्द हुई।
– 21 मार्च की आधी रात से जिले की सीमाएं सील की गई।
– 22 मार्च को जनता कफ्र्यू में शहर की सड़कों पर पसरा रहा संन्नाटा।
– 23 मार्च से प्रशासन ने लॉकडाउन लगाया।
– 25 मार्च को जिले में टोटल लॉकडाउन लगाया गया
– 4 अप्रैल तक जिलेभर में बाहर से आने वालों की संख्या 12 हजार 862 पहुंच गई थी। यह बात जरूर रहा कि इस बीच सिर्फ एक व्यक्ति की कोरोना जांच हुई थी। 8 अप्रैल तक होम क्वॉरंटीन किए गए व्यक्तियों की संख्या 15 हजार पहुंच गई थी, लेकिन जांच सिर्फ 7 की लोगों की हुई थी।

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