राज्यसभा में बोले कांग्रेस सांसद राजीव सातव- पेड़ों की गणना हो सकती है तो OBC जनगणना क्यों नहीं?

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राज्यसभा में कांग्रेस के सदस्य राजीव सातव ने शुक्रवार को अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी) की जनगणना में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। सरकार पर यह कहते हुए तंज कसा कि वह यदि जानवरों और पेड़ों की भी गणना करा सकती है तो ओबीसी की क्यों नहीं? वहीं बीजेपी सांसद संजय सेठ ने भी संसद में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाए जाने की मांग की। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या को देश के लिए खतरा बताया।

लंबे समय से हो रही ओबीसी जनगणना की मांग
शून्यकाल में इस मामले को उठाते हुए कांग्रेस के राजीव सातव ने सरकार से जल्द से जल्द ओबीसी जनगणना करने की मांग करने की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से ओबीसी जनगणना की मांग हो रही है और भाजपा के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे ने भी मजबूती से इस मांग को लोकसभा में कई बार उठाया था।

उन्होंने कहा कि सरकार जब जानवरों की गणना कर सकती है, पेड़ों की गणना कर सकती है तो समाज के इस महत्वपूर्ण घटक ओबीसी की क्यों नहीं? इस बारे में सरकार ने 2018 में आश्वस्त किया था। वर्ष 2019 में भी सरकार ने कहा था कि हम जनगणना की दिशा में जा रहे हैं। अभी देखा गया कि उसमें ओबीसी का कॉलम हटा दिया गया है।

बढ़ती आबादी गंभीर संकट
लोकसभा में शुक्रवार को भाजपा सांसद संजय सेठ ने बढ़ती आबादी को देश के समक्ष गंभीर संकट बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग की। शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा सांसद संजय सेठ ने कहा कि देश में बढ़ती आबादी बड़ा संकट बनती जा रही है। ऐसे में सरकार को देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दो बच्चों के मानदंड को लागू करना चाहिए। इसका उल्लंघन करने वालों को सरकारी सुविधाएं नहीं मिलें और चुनाव नहीं लड़ सकें..ऐसा प्रावधान किया जाना चाहिए।

 

 

 

 

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