अब डुंडी से भी विदेश भेजा जाएगा स्लीमनाबाद का आयरन ओर, बढ़ेगी रेलवे की आय

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कटनी। विवेक शुक्ला। जिले की स्लीमनाबाद तहसील से विदेश जाने वाला आयरन ओर अब गोसलपुर और कछपुरा के बाद डुंडी स्टेशन से भी मालगाडिय़ों में लोड होगा। इससे न सिर्फ रेलवे की आय बढ़ेगी बल्कि सड़क मार्ग पर पडऩे वाला यातायात का दबाव भी कम होगा।

रेलवे और एक इस्पात कंपनी के बीच इसको लेकर करार हुआ है। इस्पात कंपनी हर माह 10 से 15 मालगाड़ी की रैक डुंडी से लोड करेगी जिससे रेलवे को करीब 10 करोड़ रुपये मासिक आय होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि रेलवे ने माल ढुलाई बढ़ाने के लिए बिजनेस डेवलपमेंट ग्रुप का गठन किया गया है।

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इसी के तहत जबलपुर रेल मंडल में भी बीडीयू का गठन किया गया है। इस यूनिट में मंडल रेल प्रबंधक संजय विश्वास, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विश्वरंजन व वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक डॉ् मधुर वर्मा शामिल हैं। बीडीयू में शामिल होने के बाद तीनों ने प्राथमिकता के आधार पर डुंडी रेल साइडिंग का हाल ही में विकास कराया। इसके बाद इस्पात कंपनी से इसे लेकर चर्चा की गई। इन्हीं के प्रयास से मंडल को बहुत बड़ी आय इस माल भाड़े से प्राप्त होगी। गौरतलब है कि जिले की स्लीमनाबाद तहसील क्षेत्र में बड़ी मात्रा में आयरन ओर की खदानें हैं। इन खदानों से निकलने वाला आयरन डस्ट से लोहा बनाने के लिए इन्हें मालगाड़ी से विशाखापट्टनम पोर्ट भेजा जाएगा।

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जहाज से जाएगा विदेश

स्लीमनाबाद के आयरन ओर की मांग सबसे ज्यादा चीन और वियतनाम में है। यहां का आयरन ओर पिछले कई सालों से चीन जा रहा है लेकिन अभी तक यह गोसलपुर स्टेशन से बुक होकर विशाखापट्टनम पहुंचता था। वहां से पानी के जहाज में लोड होकर विदेश जाता रहा। अब यह स्लीमनाबाद के समीपस्थ स्टेशन डुंडी से ही लोड होगा।

कम होगा सड़क का दबाव

स्लीमनाबाद के आयरन ओर को गोसलपुर या कछपुरा स्टेशन तक पहुंचाने के लिए अभी तक ट्रकों की मदद ली जाती रही। इससे सड़क में यातायात का दबाव बढ़ जाता था लेकिन अब डुंडी स्टेशन से ही माल बुक होने पर जबलपुर-कटनी मार्ग का यह दबाव कम हो जाएगा।

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इनका कहना है

डुंडी साइडिंग तैयार होने के बाद वहां से ही मालगाड़ी के रैक रवाना करने का करार हुआ है। हर माह कम से कम 10 से 15 रैक रवाना किए जाएंगे। निश्चित तौर पर इससे रेलवे की आय बढ़ेगी।

विश्व रंजन, सीनियर डीसीएम

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