Khar Maas 2021: आज से शुरू हो रहे खरमास

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Khar Maas 2021। 14 मार्च शुक्ल पक्ष रविवार को शाम 6:03 बजे सूर्य देव बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश करेंगे, जो 14 अप्रैल की रात 2:33 बजे रहेंगे। इसी अवधि को खरमास या मलमास कहा जाता है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि धनु या मीन राशि में गोचर (प्रवेश) करते हैं, तो इस अवधि को खरमास या मलमास कहा जाता है। इसे मीन संक्रांति व दुष्ट मास भी कहा गया है। हिंदू धर्म के अनुसार खरमास में विवाह कार्य, मुंडन, भूमि-पूजन, यज्ञोपवित, गृह प्रवेश, नया व्यापार, मांगलिक कार्य आदि नहीं किए जाते हैं, क्योंकि इन कार्यों के लिए गुरु बृहस्पति के बल की आवश्यकता होती है। सूर्य के गुरु की राशि में जाने से गुरु का बल कम हो जाता है, इसलिए कोई भी शुभ कार्य फलित नहीं होता। ज्योतिषाचार्य गौरव उपाध्याय के अनुसार हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार खरमास के दौरान सूर्यदेव की उपासना करें।

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सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि कर लें। इसके बाद चढ़ते सूरज को अर्घ्य दें। ऐसा करना आपको शुभ फल देगा, जिससे सूर्य देव की कृपा बनी रहेगी। मलमास में भगवान विष्णु की पूजा करने से मां लक्ष्मी का घर में आगमन होता है, घर-परिवार में धन की वृद्धि होती है। खरमास में गुरु और साधुओं की सेवा करनी चाहिए। ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी के अनुसार खरमास में शाम को तुलसी के पौधे पर घी का दीपक जलाने से जीवन की समस्याएं कम होती हैं। इस महीने गोशाला जरूर जाएं, गायों को गुड़ व हरा चना खिलाएं। पूरे माह गाय की पूजा जरूर करें। ऐसा करने से भगवान श्रीकृष्ण आपसे प्रसन्न होंगे। खरमास में जरूरतमंदों और गरीबों की जितनी मदद करेंगे उतना ही आपको लाभ होगा।

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