MP: निर्वाचन आयुक्त बोले, इलेक्शन मोड में रहें सभी अधिकारी, खरीदें चुनाव सामग्री

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Urban Bodies and Panchayat Elections in MP। नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए शनिवार को बुलाई वर्चुअल बैठक में निवाड़ी कलेक्टर आशीष भार्गव ने जिले में अधिकारी न होने का दुखड़ा सुनाया। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह को बताया कि रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी या राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी तक नहीं हैं। ऐसे में चुनाव कैसे करवा पाएंगे। इस पर आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि वे सरकार से बात करेंगे। आयुक्त ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी इलेक्शन मोड में रहें। आचार संहिता कभी भी लग सकती है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि चुनाव प्रक्रिया में छोटी-सी भूल भी माफ नहीं की जाएगी इसलिए पूरी सतर्कता रखें और नियमों के दायरे में रहकर काम करें।

सिंह ने सभी कलेक्टरों से कहा कि नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों की अपने स्तर पर विस्तार से समीक्षा कर लें। राज्य निर्वाचन आयुक्त सिंह ने कहा कि आयोग ने कोविड-19 को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उनका गंभीरता से पालन किया जाए। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव की जरूरी सामग्री मध्य प्रदेश हेल्थ कार्पोरेशन सीधे जिलों को भेजेगा। सिंह ने कलेक्टरों से कहा कि आयोग के निर्देशों को ठीक से पढ़कर ही कार्रवाई करें और कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी वाट्सएप ग्रुप पर आने वाले आयोग के संदेश को रोज अनिवार्य रूप से देखें। उन्होंने कहा कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होने से परिणाम आने तक पूरी प्रक्रिया आइइएमएस के माध्यम से की जाएगी।

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24 घंटे में हो शिकायतों का निराकरण

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कलेक्टरों से कहा कि चुनाव को लेकर आने वाली सभी शिकायतों का निराकरण 24 घंटे में करें और इसकी जानकारी आयोग को दें। इसके लिए अलग से शाखा और जांच दल का गठन करें। प्रशिक्षण के लिए 150 फीसद व मतदान दल के लिए आरक्षित सहित 120 फीसद अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यवस्था करें। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के रेंडमाइजेशन के लिए सभी व्यवस्थाएं तय कर लें।

 

चुनाव से संबंधित सामान तुरंत खरीदें

आयुक्त ने कहा कि चुनाव अधिकारी की नियुक्ति, नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने के लिए स्थान का चयन, आयोग के निर्देशों के अनुसार सीसीटीवी तथा वीडियो कैमरे की व्यवस्था, मतदान दल के गठन के लिए सॉफ्टवेयर में त्रुटिरहित एंट्री और जिला स्तर पर खरीदी की जाने वाली सामग्री तुरंत खरीदें।

निकाय चुनाव दो चरणों में कराने पर विचार चल रहा है। पहले चरण में जिले के बड़े निकाय का चुनाव होगा तो दूसरे में अन्य निकायों का। भोपाल जिले की बैरसिया नगर परिषद में पहले और भोपाल नगर निगम में दूसरे चरण में चुनाव कराए का विचार है। ऐसे ही इंदौर नगर निगम में पहले और शेष निकायों में दूसरे चरण में चुनाव होंगे। हालांकि कलेक्टरों के स्तर पर इस संबंध में अंतिम निर्णय होगा।

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एसएलआर बनेंगे आरओ, केंद्रीय कर्मचारियों की सेवाएं लेंगे

 

बैठक में तहसीलदारों की कमी का मुद्दा भी उठा। इस पर आयोग ने कहा कि जिन निकायों में तहसीलदार हैं या नायब तहसीलदार प्रभार में हैं, वहां उन्हें आरओ बनाएं। जहां दोनों अधिकारी नहीं हैं, वहां एसएलआर भू-अभिलेख को आरओ या सहायक रिटर्निंग ऑफिसर बनाएं। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय कर्मचारियों की भी सेवा ली जाए।

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