चिठ्ठी वार के बाद शेजवलकर से मिलने पहुंचे सिंधिया बोले-हमारे पारिवारिक सम्बंध

Advertisements

ग्वालियर। राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार शाम को सांसद विवेक नारायण शेजवलकर से मुलाकात करने के लिए उनके निवास पर आए। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सिंधिया व सांसद के बीच विमानतल के विस्तार का श्रेय लेने को लेकर संंबंध में दरार नजर आने लगी थी। सिंधिया ने विवेक शेजवलकर से मुलाकात कर चिठ्ठी वार पर विराम लगाने का प्रयास किया है। मुलाकात के बाद सिंधिया ने कहा कि विमानतल के विस्तार के लिए दोनों साथ मिलकर काम कर रहे हैं। नए एयर टर्मिलन का डिजाइन में दोनों साथ बैठकर फाइनल करेंगे। सांसद से मिलने से पहले सिंधिया पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से मुलाकात करने के लिए उनके माधवगंज स्थित निवास पर भी गए थे।

नए एयर टर्मिलन के लिए केंद्र सरकार को लिखी चिठ्ठी दोनों तरफ से वायरल हुई थी- कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया की ग्वालियर संसदीय क्षेत्र में विकास में रुचि बढ़ी है। एयरसेवा से महानगर को जोड़ने के लिए नए एयर टर्मिलन की स्वीकृत कराने को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नागरिक उड्डयन मंत्री को लिखी चिठ्ठी वायरल हुई थी। इसके जवाब में सांसद समर्थकों ने एक विवेक नारायण शेजवलकर की चिठ्ठी वायरल कर दावा किया था कि सिंधिया से पहले सांसद ने विमानतल के विस्तार के लिए केंद्र सरकार की चिठ्ठी लिखी थी। इस चिठ्ठी वार के बाद माना जा रहा था कि सांसद और सिंधिया के संबंधों में खटास आई है। सांसद ने भी अघोषित रूप से सिंधिया के साथ राजनीतिक मंच साझा नहीं करने का मन बना लिया था।

 

इसे भी पढ़ें-  Katni: पहले लोडर ऑटो में दी लिफ्ट फिर लूट लिया, NKJ पुलिस ने 4 को दबोचा

 

 

सांसद निवास पर पहुंचते सिंधिया ने मराठी में पूछा- कैसे हैं विवेक जी- ज्योतिरादित्य सिंधिया शाम को सात बजे के लगभग नईसड़क स्थित सांसद निवास पर केबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर व अन्य समर्थकों के साथ मुलाकात करने के लिए पहुंचे। सांसद निवास पर पहुंचते ही सिंधिया ने मराठी में पूछा कैसे हैं विवेक जी। इसके बाद सांसद व उनके परिवार से आत्मीयता से मिले।

 

 

 

माधवराव सिंधिया के जनसंघ में शामिल होने की रसीद भेट की- सांसद ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को बताया कि उनके पिता स्व माधवराव सिंधिया ने राजनीति में पहला कदम रखते जनसंघ में शामिल हुए थे। जनसंघ की सदस्यता दिलाने के लिए सदस्यता रसीद उनके पिता नारायण कृष्ण शेजवलकर ने अपने हाथ से भरी थी। इस रसीद पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के हस्ताक्षर हैं। यह रसीद स्मृति स्वरूप विवेक नारायण शेजवलकर ने सिंधिया को भेंट करते हुए दोनों परिवारों के बीच 30 साल पुराने संबंधों को याद दिलाई।

 

इसे भी पढ़ें-  MP Board 10th, 12th Exam 2021: टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर पर विद्यार्थी पूछ सकते हैं सवाल

 

 

सर्वे टीम अगले सप्ताह आएगी- मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि विवेक नारायण शेजवलकर के 30 साल पुराने संबंध है। उन्होंने मेरे पिता को जनसंघ की सदस्यता ग्रहण कराने संबंधी रसीद भी भेट की है। इस मुलाकात के कोई राजनीतिक मायने नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विमानतल का विस्तार के लिए दोनों साथ मिलकर काम करेंगें। अगले सप्ताह नए एयर टर्मिलन के केंद्र की सर्वे टीम आ रही है। सांसद साथ में रहेंगें। संबंधों आई खटास को सिंधिया ने खारिज करते हुए कहा कि उनके सांसद विवेक नारायण शेजवलकर से वर्षों पुराने पारिवारिक संबंध हैं।
Advertisements