चक्काजाम को नहीं मिला जनसमर्थन, जालंधर में दिखे भिंडरावाले की फोटो वाले झंडे

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नई दिल्‍ली Farmers Protest । कृषि सुधार कानूनों के विरोध में शनिवार 3 घंटे के राष्ट्रव्यापी चक्काजाम को देशव्यापी जनसमर्थन नहीं मिला है। चक्काजाम की अपील का आंशिक असर सिर्फ पंजाब व हरियाणा में देखने को मिला। इस कारण यहां लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं कांग्रेस शासित राजस्थान में कांग्रेस के विधायकों ने खुद सड़क पर उतर कर चक्काजाम का समर्थन किया, जबकि देश के अन्य हिस्सा में चक्काजाम को कोई भी समर्थन नहीं मिला। राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को चक्का जाम से बाहर रखा गया था, लेकिन 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर परेड रैली के दौरान भड़की हिंसा के बाद एहतियातन कड़े इंतजाम किए गए थे।

हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने दावा किया है कि चक्का जाम ठीक रहा। हमारा संदेश सभी लोगों तक पहुंचा है और जनता को किसी भी तरह की परेशानी भी न आए और हमारी बात भी पहुंच जाए.. हम सरकार से बातचीत करना चाहते हैं। मैं भी 40 लोगों की कमेटी (संयुक्त किसान मोर्चा) में एक सदस्य हूं। जैसे पहले बातचीत होती थी, वैसे ही बातचीत हो। टिकैत ने सरकार समझ जाए, हम बातचीत को तैयार हैं। मगर, बातचीत किसी दबाव में नहीं होगी। तीनों कृषि कानून वापस हों और न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानून बनाया जाए, तभी घर वापसी होगी। टिकैत ने कहा कि सरकार नहीं मानी तो हम 2 अक्टूबर तक विरोध जारी रहेगा।

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