एयरो इंडिया-2021: तेजस और अमेरिकी बमवर्षक समेत दिग्गज लड़ाकू विमान दिखाएंगे दम

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दुनियाभर में प्रतिष्ठित एयरोस्पेस एवं रक्षा प्रदर्शनी एयरो इंडिया-2021 की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बेंगलुरु में वायुसेना के हवाई अड्डे पर इस एयरशो का शुभारंभ बुधवार से शुरू होकर तीन दिन तक चलेगा।

यह दुनिया का पहला हाइब्रिड (मिश्रित) एयरोस्पेस शो होगा। इसमें भारतीय लड़ाकू विमान एलसीए-तेजस और अमेरिकी सुपरसोनिक बमवर्षक समेत दिग्गज जंगी विमान अपनी ताकत प्रत्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से दिखाएंगे।

हर दो साल में एक बार आयोजित होने वाले इस एयरशो के 13वें संस्करण में ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ और ‘मेक इन इंडिया’ का प्रभाव देखने को मिलेगा। इसमें 14 देशों का प्रतिनिधिमंडल और वहां की कंपनियां भाग लेंगी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और रक्षा उद्योग का प्रतिनिधित्व डॉन हेफ्लिन करेंगे।

अमेरिकी बमवर्षक होगा मुख्य आकर्षण
विमान प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण अमेरिकी वायुसेना का सुपरसोनिक बमवर्षक बी-1बी लांसर होगा जो ‘फ्लाय बॉय’प्रस्तुत करेगा।

इसके अलावा भारत के सूर्य किरण विमान और सारंग हेलीकॉप्टर अपना करतब दिखाएंगे। भारतीय वायुसेना के कुल 41 विमान शो में शामिल होंगे, जिसमें तेजस, राफेल और सुखोई-30 लड़ाकू विमान शामिल हैं।

एयरशो का एक अन्य आकर्षण अमेरिकी एयरफोर्स का बैंड होगा। इसका नाम है यूएस एयरफोर्स बैंड ऑफ पैसिफिक, जो हवाई में तैनात है। इनके साथ भारतीय घटम कलाकार गिरिघर उडुपा भी कला का प्रदर्शन करेंगे।

523 कंपनियां होंगी शामिल
एयरशो में 523 भारतीय कंपनियां हिस्सा लेंगी। एचएएल इस दौरान आत्मनिर्भर भारत को दिखाने वाली उड़ान का प्रदर्शन करेगी। इस दौरान एलसीए ट्रेनर, एचटीटी-40, आईजेटी एडवांस हॉक एमके 132 और सिविल डू-228 को उड़ाया जाएगा। एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर, लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर का भी प्रदर्शन किया जाएगा।

डीआरडीओ दिखाएगा ताकत
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) अपनी आधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी और प्रणालियों को प्रदर्शित करेगा। इसमें एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल (एईडब्ल्यू एंड सी) सिस्टम, एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एमका), हाई स्पीड एक्सपेंडेबल एरियल टारगेट का प्रदर्शन शामिल है। इसके अलावा यह निर्भय मिसाइल, पी-16 हैवी ड्रॉप सिस्टम, पायलट रहित टारगेट एयरक्राफ्ट इंजन और अस्त्र मिसाइल का प्रदर्शन करेगा।

टिकट के दम तय

अगंतुकों को ई-टिकट पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिए जाएंगे। बिजनेस टिकट का दाम आधा दिन के लिए 2500 रुपये भारतीयों के लिए होगा। विदेशी आगंतुकों के लिए यह दाम 75 अमेरिकी डॉलर होगा। एयर डिस्प्ले विजुअल एरिया (एडीवीए) का टिकट भारतीयों के लिए 500 रुपये और विदेशियों के लिए 20 अमेरिकी डॉलर होगा। एक दिन में सिर्फ 3000 आगंतुकों को प्रदर्शनी स्थल पर पहुंचने की इजाजत मिलेगी।

विदेशी कंपनियों को भाया ‘आत्मनिर्भर भारत’ मंत्र

अमेरिका की बोइंग और लॉकहीड मार्टिन, फ्रांस की दसॉल्ट और एयर बस, ब्रिटेन की बीएई और रॉल्स रॉयस समेत दुनियाभर की दिग्गज कंपनियां अब एक सुर में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का समर्थन कर रही हैं।

फेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स लिमिटेड-भारत के कॉर्पोरेट क्षेत्रीय निदेशक एली हेफेट्स ने कहा-हम स्वेदशी उत्पादन, जानकारी के हस्तांतरण और वैश्विक औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया नीति’ और ‘आत्मनिर्भर भारत मिशन’ का समर्थन करेंगे।

दसॉल्ट सिस्टम्स, इंडिया में निदेशक रविकिरण पोथुकुची ने कहा-भारत एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, यहां की सरकार बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण और स्वेदशीकरण कार्यक्रमों का संचालन कर रही है।

कोरोना जांच जरूरी

एयरशो के आयोजन स्थल पर प्रवेश के लिए कोरोना की आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट आवश्यक है, जिसमें संक्रमण रहित होने की पुष्टि की गई हो। जांच रिपोर्ट 31 जनवरी या बाद की होनी चाहिए।

एयरशो के लाभ
एयरशो विचारों, जानकारियों और नए तकीनीक को साझा करने का एक अवसर प्रदान करता है। इससे देश के विमानन उद्योग को मदद मिलेगी जिससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को बल मिलेगा। भारत का लक्ष्य वर्ष 2025 तक 5 अरब अमेरिकी डॉलर का रक्षा उत्पाद निर्यात करने का लक्ष्य है। भारत की कोशिश रक्षा उत्पाद का निर्यात करने वाले प्रमुख देशों के क्लब

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