संपत्ति विवाद में पूर्व मंत्री की बहू और पोती की हत्या, नंदोई समेत दो गिरफ्तार

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रायपुर। पूर्व वन मंत्री स्व. डीपी घृतलहरे की बहू और पोती की हत्या मामले का राजफाश पुलिस करने जा रही है। हत्या की वजह संपत्ति विवाद बना। पुलिस ने नंदोई समेत दो आरोपितों को कल रात में ही संदेह के आधार पर हिरासत में ले लिया था। पकड़े गए आरोपियों में एक मृतिका का नंदोई डॉक्टर आनंद और उसके साथी दीपक कुमार है, जबकि हत्या का तीसरा आरोपित डॉक्टर अजय राज फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि फरार अजय राज हत्या के बाद डरकर आनंद व दीपक को कमरे के भीतर छोड़कर दरवाजा बंद कर भाग गया था। डाक्टर आनंद वर्तमान में धरसींवा में पदस्थ है। वहीं, तीसरा आरोपित अजय मृतिका की ननद का पति है, जिसकी तलाश की जा रही है। संपत्ति विवाद के कारण ही हत्या करना आरोपितों ने कबूल कर लिया है।

पुलिस अफसरों से मिली जानकारी के मुताबिक, खम्हारडीह इलाके के सतनामी चौक स्थित एक मकान के अंदर रखे एक दीवान में 30 वर्षीया नेहा धृतलहरे व उसकी नौ वर्षीया पुत्री अनन्या धृतलहरे का शव शनिवार रात को मिला था। मृतका का भाई जब घर पहुंचा तब दरवाजा बंद था। किसी तरह स्वजन भीतर गए, तो दोनों की लाश मिली। आनंद और दीपक कमरे में ही थे। नेहा की बहन के साथ आरोपितों की झड़प भी हुई थी।

इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस के आने पर जब अंदर का कमरा खोला गया, तो ननदोई डॉ. आनंद राज और दीपक शतोड़े मिले। दोनों से मृतिका के भाई ने अपनी बहन नेहा व भांजी पीहू उर्फ अनन्या के बारे में पूछा, पर दोनों घबराकर कुछ भी बताने से बचते रहे। घर का सामान कमरे के दीवान में बिखरा हुआ था, जिसके बाद संदेह के आधार पर दीवान को खोलकर देखा गया तो नेहा और उसकी 11 वर्षीय बेटी की लाश अंदर पड़ी हुई थी।

दोनों मृतकों के शरीर और गले मे चोट के निशान भी मिले। जूते की लेस से गला घोटकर हत्या की गई थी। हत्या से पहले मृतकों का आरोपितों से संघर्ष भी हुआ था। खम्हारडीह थाना प्रभारी ममता अली शर्मा ने दोनों आरोपितों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की तब हत्या का राज खुला। पूछताछ में तीसरे आरोपित मृतिका के ननद के पति अजय का नाम सामने आया।

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