2 जनवरी से‘माघ मेला’ का पहला स्नान, श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी

इलाहाबाद  ‘माघ मेला’ के दौरान पड़ने वाले 6 स्नान पर्व पर 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती में आस्था की डुबकी लगाएंगे। 2 जनवरी से शुरू होने वाले माघ मेला का पहला पौषपूर्णिमा पर्व का स्नान (2 जनवरी) को होगा जबकि छठवां और ‘महाशिवरात्री’ का अन्तिम स्नान पर्व (13 फरवरी) को होगा। 43 दिनों तक चलने वाले मेले में देश के कोने-कोने से 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पापनाशिनी और मोक्षदायिनी गंगा में स्नान करेंगे।

 

इसी दौरान अस्थायी आध्यात्मिक नगरी में श्रद्धालु संगम तट पर रहकर एक माह का ‘कल्पवास’ भी करेंगे। माघ मेले में चतुर्दिक साधु-संतों के प्रवचन, गीता पाठ, ओम नम: शिवाय, हर-हर महादेव के स्वर और होम-अगियार की सोंधी महक की धर्मिक बयार बहती रहेगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कड़े बन्दोबस्त किए हैं।  आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस दौरान कुल 6 स्नान पर्व पड़ेंगे। पौष पूर्णिमा का (पहला स्नान) पर्व 2 जनवरी को पड़ेगा। इस दिन करीब 30 लाख स्नानार्थी यहां स्नान करेंंगे जबकि 14 जनवरी मकर संक्राति के (दूसरे स्नान) पर लगभग 75 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि (तीसरा स्नान 16 जनवरी) को मौनी अमावस्या को होगा। इस दिन देश के कोने-कोने से श्रद्धालु संगम में स्नान करने के लिए आएंगे। इस दिन सबसे अधिक ड़ेढ से 2 करोड़ श्रद्धालु पतित पावनी गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती में स्नान करेंगे। बसंत पंचमी (22 जनवरी को चौथा स्नान) पर करीब 50 लाख श्रद्धालु स्नान करेंगें, माघी पूर्णिमा के पांचवें स्नान पर्व (31 जनवरी) पर करीब 40 लाख स्नानार्थियों के स्नान करने की संभावना है जबकि छठवें और अंतिम स्नान पर्व 13 फरवरी महाशिवरात्रि पर प्रशासन ने 10 लाख स्नानार्थियों की भीड़ होने की संभावना जताई है।