तीन शावकों के साथ बाघिन का गैंगमैन से हुआ सामना, रोशनी दिखाकर रेलवे ट्रैक से किया दूर

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भोपाल। राजधानी भोपाल के नजदीक रातापानी वन्यजीव अभयारण्य में तीन नन्हे बाघ शावक एक बाघिन के साथ दिखे हैं। मतलब आने वाले समय में बाघों का कुनबा और बढ़ने वाला है। पहले ही मप्र 526 बाघों के साथ सभी राज्यों में सर्वाधिक बाघ वाला प्रदेश बना हुआ है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक साथ तीन बाघ शावक वाला दृश्य देखना निश्चित ही सुखद होगा। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे दृश्य तो अभी और देखने को मिलेंगे।

शावक और बाघिन औबेदुल्लागंज के जंगल में बिनेका नामक स्थान के पास रेलवे ट्रैक के किनारे दिसंबर 2020 के आखिरी हफ्ते में देखे गए। बाघिन अपने शावकों के साथ रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रही थी, जिसे रेलकर्मियों ने हाइमास्‍ट लाइट दिखाकर रोक लिया था।

इस तरह तीन शावकों और बाघिन की जान खतरे में पड़ने से बच गई थी। बता दें कि बरखेड़ा से बुदनी के बीच आए दिन ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से वन्यप्राणियों की मौत हो रही है। शुक्रवार-शनिवार की रात इसी तरह एक तेंदुए ने जान गंवाई है।

मप्र वन्यप्राणी विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बाघिन ने अभयारण्य में तीन शावकों को जन्म दिया है। फ‍िलहाल इनकी उम्र दो से तीन माह की है। ये अपनी मां के साथ चहलकदमी कर रहे हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि अभयारण्य में पूर्व से 45 से 50 वयस्क बाघ हैं।

इन्हीं में से कुछ बाघ भोपाल से लगे समरधा रेंज के केरवा, चीचली, मेंडोरा जंगल में आते रहते हैं। भोपाल वन वृत्त के सीसीएफ रवींद्र सक्सेना ने कहा है कि हमारे वनकर्मी जंगल का बेहतर तरीके से ध्यान रख रहे हैं। इसी का नतीजा है कि बाघों का कुनबा बढ़ रहा है।

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