Kumbh Mela : इस बार केवल 48 दिन का ही होगा कुंभ, फरवरी अंत में जारी होगी अधिसूचना

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Kumbh Mela : इस बार केवल 48 दिन का ही होगा कुंभ, फरवरी अंत में जारी होगी अधिसूचना। हरिद्वार में 2021 में होने जा रहे कुंभ का आयोजन इस बार केवल 48 दिन का ही होगा। उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुंभ का आयोजन मुख्य तौर पर मार्च से अप्रैल के बीच किया जाएगा। सरकार फरवरी अंत में मेले की विधिवत अधिसूचना जारी करेगी। कोरोना वायरस को लेकर सरकार ने इसकी तैयारी की है। 

कुंभ मेले में कोविड केयर सेंटर व सर्विलांस सिस्टम को लेकर 14.29  करोड़ जारी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर शासन ने कुंभ मेला 2021 के कोविड केयर सेंटर, सर्विलांस सिस्टम और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की खरीद के लिए 14 करोड़ 29 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। कुंभ में सर्विलांस सिस्टम लगाने के लिए पहली किस्त के रूप में 6.94 करोड़ की धनराशि जारी की गई है।

सर्विलांस सिस्टम के लिए राज्य सरकार ने 17.34 करोड़ मंजूर कर रखे हैं। शासन को कुंभ मेला में 1000 बेड का अस्थाई कोविड केयर सेंटर बनाना है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने 15.46 करोड़ की मंजूरी दी है।

स्वीकृत धनराशि में कोविड सेंटर के लिए 6.18 करोड़ की धनराशि शुक्रवार को जारी कर दी गई। कुंभ मेला में चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की सामग्री खरीद के लिए 2.93 करोड़ में से 1.17 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
मेला पुलिस की देखरेख में होंगे सभी पर्व स्नान: गुंज्याल

आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने आगामी कुंभ मेला की व्यवस्थाओं को लेकर श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों के साथ गोष्ठी की। पदाधिकारियों के सुझाव सुनने के बाद आईजी ने कहा कि शाही स्नान के दौरान सामान्य श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी एवं मालवीय द्वीप घाट को छोड़कर अन्य घाटों पर स्नान कराने की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी।

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आईजी ने कहा कि मेला आयोजन में गंगा सभा महत्वपूर्ण स्टेक होल्डर है। मेला आयोजन के लिए उनके सुझाव बेहद जरूरी हैं। कहा, हरकी पैड़ी को जूता रहित बनाने का प्रयास होगा। हरकी पैड़ी पर ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों को भी बिना चमड़े वाले जूते और बेल्ट उपलब्ध कराई जाएगी।

श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों ने मकर संक्रांति के स्नान पर्व की व्यवस्थाओं और मेले के दौरान दिए जाने वाले पासों के संबंध में जानकारी पूछी। इस पर आईजी ने कहा कि शाही स्नान से पूर्व आने वाले सभी स्नानों पर मेला पुलिस अपनी तरफ से पूर्ण तैयारी करके सकुशल स्नान संपन्न कराएगी। पास का जिक्र करते हुए आईजी ने कहा कि मेले की अधिसूचना जारी होने पर स्थानीय लोगों के सुगम आवागमन के लिए पास बनाए जाएंगे।
श्री गंगा सभा अध्यक्ष और महामंत्री के सुझाव

एसएसपी कुंभ जन्मेजय खंडूरी ने कहा कि मेले की व्यवस्थाओं में स्थानीय लोगों और स्टेक होल्डर्स की ओर से दिए गए सुझावों को शामिल किया जाएगा। श्री गंगा सभा जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं और संगठनों के साथ मिलकर सामूहिक प्रयासों से कुंभ मेला सकुशल संपन्न कराएगी। 

हरकी पैड़ी को जूता रहित क्षेत्र बनाया जाए। श्रद्धालुओं को पहले ही जागरूक किया जाए। सभी होटल, लॉज, धर्मशालाओं और आश्रमों के संचालक अपने यहां ठहरने वाले श्रद्धालुओं को बताएं कि जूते कमरे पर ही छोड़कर हरकी पैड़ी स्नान के लिए जाएं। शाही स्नान के दौरान मालवीय घाट एवं अन्य घाटों पर सामान्य श्रद्धालुओं का स्नान कराएं जाने की पूर्व व्यवस्था को ही लागू किया जाए। 
– प्रदीप झा, अध्यक्ष श्री गंगा सभा 

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हरकी पैड़ी पर ड्यूटी देने वाले पुलिस कर्मियों को सिलिकॉन से बने मोजे दिए जा सकते हैं। कुछ लोग कर्मकांड के लिए निर्धारित घाटों से अलग घाटों पर पूजा अर्चना करते हैं जो उचित नहीं है। यह परंपरा अवैध और नियम विरुद्ध है। गंगा सभा मेले के लिए स्वयंसेवक मुहैया कराएगी, जो मेला पुलिस को स्थानीय और बाहरी लोगों की पहचान करवाने में सहायता करेगी।
– तन्मय वशिष्ठ, श्री गंगा सभा महामंत्री
कुंभ में अखाड़े खुद ही अपना टेंट लगाएंगे: महंत नरेंद्र गिरि

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और संतों ने कुंभ की तैयारियों में सरकार और मेला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। संतों ने कहा कि कुंभ की तिथि नजदीक है। मेला क्षेत्र में अभी तक बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गई हैं। परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि सरकार और मेला प्रशासन नहीं चेता तो अखाड़े खुद ही अपने टेंट लगाएंगे। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और दिव्य और भव्य कुंभ आयोजन की मांग करेंगे।

कुंभ कार्य न होने पर साधु संतों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। मेला प्रशासन ने कुंभ क्षेत्र में मेले को विस्तार देने का काम अभी तक शुरू भी नहीं किया है। देश में तमाम गतिविधियां चल रही हैं। चुनाव हो रहे हैं। लाखों किसान सड़कों पर आंदोलित हैं। कुंभ भव्य रूप में क्यों संपन्न नहीं हो सकता। सरकार को युद्धस्तर पर कुंभ की तैयारियां करनी चाहिए। 
– श्रीमहंत हरि गिरि, महामंत्री अखाड़ा परिषद

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सरकार के पास कोई विजन नहीं है। कुंभ की तैयारियां दो वर्ष पूर्व से शुरू होती आई हैं। सरकार ने मार्च तक कुछ किया नहीं और फिर कोरोना का बहाना मिल गया। समय की मांग थी कि अनलॉक होने पर तेज गति से काम किए जाते। दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो पाया, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। 
– ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी, जयराम पीठाधीश्वर

बैरागी संतों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। जिस बैरागी द्वीप पर लाखों वैष्णव संत आने वाले हैं उसकी हालत खराब है। आश्चर्य की बात है कि कुंभ मेला प्रशासन अब तक गतिमान नहीं हो पाया है। यही हाल चलता रहा तो साधु संत और आमजन कुंभ स्नान नहीं कर पाएंगे। 
– श्रीमहंत रघुवीर दास, सुदर्शन पीठाधीश्वर

कुंभ मेले की महत्ता न समझ पाने के कारण मेला क्षेत्र आकार नहीं ले पा रहा है। आश्चर्य का विषय यह भी है कि कुंभ के द्वीपों पर कोई काम नजर नहीं आ रहा। बैरागी द्वीप तक का हाल बेहाल है। सरकार की मंशा शायद कुंभ कराने की है ही नहीं। संत ही नहीं स्थानीय जनता भी बहुत निराश है।
– बाबा हठयोगी दिगंबर, संत समिति

लगता ही नहीं कि हम कुंभ नगर में रह रहे हैं। मुख्य नगर में अब कहीं जाकर सड़कें बनाने का काम शुरू हुआ है। इसके विपरीत कुंभ के द्वीप कहां बस रहे हैं कोई नहीं जानता। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने अब तक भी गंभीरता नहीं दिखाई। प्रयाग में योगी सरकार माघ मेले के लिए पांच लाख तंबू लगा रही है।
– श्रीमहंत दुर्गादास, वैष्णव संत

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