High Court News: पदोन्‍नति को लेकर हाई कोर्ट का आदेश, जानिए किसे मिली राहत

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बिलासपुर। High Court News:  बलरामपुर जिले के रामगढ़ कैंप के प्रधान आरक्षक को विभागीय जांच के कारण पदोन्न्ति से वंचित रखा गया है। इस मामले में दायर याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को 60 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर नियमानुसार कार्रवाई का आदेश दिया है।

बलरामपुर जिले के रामगढ़ कैंप स्थित बारहवीं बटालियन में पदस्थ कृष्णकुमार शर्मा ने अपने वकील अभिषेक पांडेय के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

इसमें बताया गया है कि वर्ष 2014-15 में वे 12वीं बटालियन में रामानुजगंज में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत थे।

 

इस दौरान छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के पुलिस उपमहानिरीक्षक ने विभागीय जांच के बाद उनकी एक वेतनवृद्धि रोकने का आदेश जारी किया। यह आदेश जुलाई 2015 में प्रभावशील हुआ। इस सजा की वजह से याचिकाकर्ता को वर्ष 2020 तक लगातार प्रमोशन से वंचित रखा गया।

याचिका में प्रमोशन से वंचित करने को चुनौती दी गई है। साथ ही कहा है कि चूंकि याचिकाकर्ता के विरुद्ध जुलाई 2015 में पारित दंड छोटा (लघु) की श्रेणी में आता है, जिसका प्रभाव सिर्फ एक साल तक यानी जुलाई 2016 तक रहेगा। इस छोटी सजा की अवधि जुलाई 2016 में समाप्त हो गई थी। ऐसे में याचिकाकर्ता उच्च पद पर प्रमोशन का पात्र है। याचिका में भी यह भी बताया गया है कि याचिकाकर्ता से जूनियर प्रधान आरक्षक को सहायक प्लाटून कमांडर के पद पर प्रमोशन प्रदान कर दिया गया है।

लेकिन याचिकाकर्ता को प्रमोशन से वंचित रखा गया है। हाई कोर्ट के जस्टिस पी सैम कोशी की एकलपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए माना है कि याचिकाकर्ता का दंड का प्रभाव समाप्त हो गया है। इस आधार पर पुलिस महानिदेशक 60 दिनों के भीतर नियमानुसार याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण करते हुए प्रमोशन देने पर विचार करे।

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