MP: हाई कोर्ट ने महिला सरपंच की बहाली पर लगाई रोक

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जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने अंतरिम आदेश के जरिये ग्राम पंचायत टिकरिया की सरपंच रोशनी बाई की बहाली पर रोक लगा दी है। एकलपीठ ने राज्य शासन, कमिश्नर जबलपुर और सीईओ जिला पंचायत को नोटिस जारी कर जबाव-तलब किया है।

उप सरपंच तुलसी शंकर कोरी की ओर से दायर याचिका में तर्क दिया गया कि जिला पंचायत के सीईओ ने अनियमितता के आरोप में मप्र पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत टिकरिया ग्राम पंचायत की सरपंच रोशनी बाई को पद से अलग कर दिया था।

इस आदेश के खिलाफ रोशनी बाई ने कमिश्नर के समक्ष अपील प्रस्तुत की। जिसमें तुलसी शंकर कोरी और कार्यवाहक सरपंच रेखा बाई ने प्रकरण में पक्षकार बनाए जाने के लिए आपत्ति प्रस्तुत की।

कमिश्नर ने दो जनवरी 2019 को आपत्ति को दरकिनार करते हुए सरपंच पद पर रोशनी बाई को बहाल कर दिया। अधिवक्ता सुशील मिश्रा और रामजी चौबे की दलीलें सुनने के बाद एकलपीठ ने सरपंच की बहाली पर रोक लगा दी है।

हाथी की मौत के दोषी अधिकारियों से पर्यावरण जुर्माना वसूला जाए : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल चेन्न्ई व नई दिल्ली द्वारा पूर्व में हाथियों की मौतों के मामलों में जारी आदेश-निर्देश की रोशनी में जबलपुर के पास बरगी में हाथी की मौत के सिलसिले में भी दोषी अधिकारियों की पहचान कर उनसे पर्यावरण जुर्माना वसूले जाने पर बल दिया गया है।

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, जबलपुर ने इस संबंध में प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण विभाग को शिकायत भेज दी है। जिस पर कार्रवाई पर बल दिया गया है। ऐसा न किए जाने की सूरत में एनजीटी में याचिका दायर कर दी जाएगी।

मंच के प्रांताध्यक्ष डॉ.पीजी नाजपांडे ने बताया कि तीन जून, 2020 को केरल में मुंह में पटाखा फूटने से हाथी की मौत के मामले को बेहद गंभीरता से लेकर एनजीटी, साउथ जोन, चेन्न्ई ने स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई की थी।

हाई कोर्ट बार अध्यक्ष की मांग, अजय विश्नोई को कैबिनेट मंत्री बनाया जाए :मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जबलपुर के अध्यक्ष रमन पटैल ने भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री अजय विश्नोई को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने पर बल दिया है। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भेजा गया है।

पत्र में कहा गया है कि श्री विश्वनोई वरिष्ठ विधायक हैं। पूर्व में मंत्री भी रह चुके हैं। उनके पास मीसाबंदी होने का अनुभव भी है। ऐसे समर्पित व्यक्तित्व को मंत्रीमंडल में न रखा जाना उनके अनुभव से लाभ न लेने की कोटि में रखा जाएगा।

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