कोरोना वायरस के एक या दो नहीं, बल्कि हैं 28 लक्षण, एनआइसीई ने लिस्‍ट के साथ एडवाजरी भी की जारी

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नई दिल्‍ली । कोरोना वायरस के नए रूप यानी स्ट्रेन ने विज्ञानियों की चुनौतियां बढ़ा दी है। हालांकि, दुनिया को भरोसा है कि इसका भी समाधान वैज्ञानिक जरूर ढूंढ लेंगे। अब तक कोरोना वायरस के 8-10 लक्षणों के बारे में चर्चा होती रही है, लेकिन ब्रिटेन के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्लीनिकल एक्सीलेंस यानी एनआइसीई ने हाल ही में कोरोना संक्रमण के 28 लक्षणों की पहचान कर उन्हें सार्वजनिक किया है। एनआइसीई ने इस संबंध में एडवाइजरी भी जारी की है।

कोविड-19 के बाद की जटिलताएं

कोरोना संक्रमण से उबरने वाले लोगों को भी अलग-अलग तरह की परेशानियां हो रही हैं। ज्यादातर लोगों का कहना है कि कोरोना संक्रमण से मुक्ति मिलने के बाद भी लंबे समय तक सुस्ती बनी रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 लंबी चलती है। शुरुआत में मामूली लक्षणों के दिखाई देने के साथ बीमारी गंभीर हो सकती है। हालांकि, कोरोना से ठीक होने के बाद के लक्षण ज्यादा चिंंताजनक हैं।

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12 हफ्ते तक दिख सकते हैं लक्षण

ब्रिटेन के ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स यानी ओएनएस ने कहा था कि कोरोना संक्रमण के लक्षण पांच में से एक व्यक्ति में पांच सप्ताह या उससे ज्यादा समय तक बरकरार रह सकते हैं। हालांकि, एक अन्य रिपोर्ट में ओएनएस ने कहा है कि 10 में से किसी एक व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण 12 हफ्ते तक रह सकते हैं।

कोरोना संक्रमण के ये हैं 28 लक्षण

 

छोड़ रहा अलग-अलग प्रभाव

विज्ञानियों ने कोरोना वायरस के व्यापक शोध के बाद उसे खत्म करने के लिए वैक्सीन का विकास किया। हालांकि, कोरोना वायरस के प्रभाव व लक्षणों के बारे में अब भी नई जानकारियां सामने आ रही हैं। मुश्किल यह है कि कोरोना वायरस लोगों पर अलग-अलग प्रभाव छोड़ रहा है। किसी को सिर्फ बुखार आ रहा है तो किसी को सांस लेने में परेशानी के साथ-साथ अन्य समस्याएं भी हो रही हैं। एनआइसीई ने 18 दिसंबर को कोविड-19 के 28 लक्षणों की सूची सार्वजनिक की है। हालांकि, उसका कहना है कि कोरोना संक्रमण के लक्षण इससे अधिक हो सकते हैं।

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श्वांस संबंधी, सूखी खांसी, सांस फूलना, हृदय संबंधी, छाती में दर्द, घबराहट, छाती में जकड़न, न्यूरोलॉजिकल, याददाश्त कमजोर पड़ना, नींद नहीं आना, सिरदर्द, चक्कर, बेहोशी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, जी मिचलाना, डायरिया, भूख न लगना, पेट दर्द, मस्कुलोस्केलेटल, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, मनोवैज्ञानिक, डिप्रेशन, एंजाइटी, ईएनटी संबंधी, गंध महसूस नहीं होना, गले में खरास, कानों में लगातार शोर, महसूस करना, कान में दर्द, चक्कर आना, त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना, थकान, दर्द और बुखार आना।

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