लोभ और लालच उपभोक्ताओं के साथ ठगी का सबसे बड़ा आधार है-डॉ संदीप सबलोक

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सागर/ राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था सचेत समिति द्वारा वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन कर युवाओं व आम जनमानस को उपभोक्ता संरक्षण व जागरूकता के संबंध में वेब माध्यम से चर्चा कर प्रशिक्षित व जागरूक किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा कानून और बुद्धिजीवी वर्ग से जुड़े करीब 70 समाजसेवी और युवाओं ने भाग लिया।

उपभोक्ता संरक्षण एवं जागरूकता के क्षेत्र में विशेष रूप से कार्यरत पंजीकृत संस्था “सचेत” के अध्यक्ष डॉ संदीप सबलोक ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व राजीव गांधी जी ने उपभोक्ता कानून के माध्यम से इस देश को बड़ी क्रांति दी है। उन्होंने कहा कि लोभ और लालच उपभोक्ताओं के साथ ठगी का सबसे बड़ा आधार है। यह लोभ और लालच सिर्फ उत्पादकों विक्रेताओं या सेवा प्रदाताओं में ही नहीं बल्कि आम उपभोक्ता में भी पाया जाता है। एक तरफ व्यापारी ज्यादा लाभ कमाने के लोभ में उपभोक्ता को ठगने का काम करता है तो दूसरी तरफ उपभोक्ता भी कम कीमत में ज्यादा संतुष्टि एवं मात्रा प्राप्त करने का लोभ रखकर ठगा जाता है। उन्होंने अपने उद्बोधन में करोना संक्रमण के दौरान उपभोक्ता स्वास्थ्य और जागरूकता को लेकर विभिन्न सावधानियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

जिसके अंतर्गत संक्रमण की आशंका होने पर अपने मनमर्जी से दवाइयां ना खाने सब्जियों व फल को गुनगुने पानी से कम से कम 3 बार धोकर उपयोग करने तथा मॉस्क और सैनिटाइजर खरीदते समय रखी जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डाला। डॉ सबलोक ने उपभोक्ता संरक्षण कानून पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए उपभोक्ता न्यायालयों की कार्यप्रणाली तथा उसकी प्रक्रिया पर भी युवाओं को जागरूक किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त सहायक खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक एमएल चौरसिया ने कहां की उपभोक्ता जागरूकता के क्षेत्र में शासन स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम महज औपचारिकता बन गए हैं। इन कार्यक्रमों में उपभोक्ता जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय संस्थाओं तथा व्यक्तियों को दूर रखे जाने से इनका लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पाता है। इसके अलावा उपभोक्ता अदालतें भी शासन की उपेक्षा का शिकार है। यहां बोर्ड का कोरम नहीं होने के कारण विवादों का निराकरण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली समेत अन्य क्षेत्रों में उपभोक्ता अधिकार एवं जागरूकता पर चर्चा की। चौरसिया ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा सितम्बर 18 से आधार इथेंटिक्सन से सर्वाधिक वितरण करने वाले तीन रासन दुकानों को तिमाही 3-3 हजार का ईनाम देकर सार्वजनिक सम्मान किया जाता था। परंतु जिला खाद्य कार्यालय से उत्कृष्ट रासन दुकानों के नाम न मिलने से ये कार्यक्रम भी नही हो पा रहे है। जिसमे विभाग का कुछ नही लगता सब NGO करते है।

कार्यक्रम में शामिल कर सलाहकार अनिल चौदा व्यवसाई नरेश गुप्ता शिक्षा के क्षेत्र से राजीव चौबे चंद्रभान सिंह ठाकुर प्रदीप जैन एडवांस राजीव जैन अनुराग भट्ट राजेश पटेल संतोष चौरसिया मोना सिंह लकी सोनी सोनू चौबे रानू नामदेव अनुराग जोसेफ महेश अहिरवार आदि ने हिस्सा लेकर रसोई गैस व पेट्रोलियम पदार्थों रेलवे संचार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य बिजली नागरिक सेवाओं शिक्षा आदि क्षेत्रों में उपभोक्ता जागरूकता एवं संरक्षण पर चर्चा की। अंत में कार्यक्रम का आभार प्रभांशु रैकवार ने माना।

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