आसाराम प्रकरण ने पकड़ा तूल, डीजी जेल ने डीआईजी को सौंपी जांच

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आसाराम द्वारा छात्रा से दुष्कर्म का मामला वर्ष 2013 में सामने आया था। इसके बाद आसाराम के अनुयायियों ने प्रकरण को दबाने की काफी कोशिश की, लेकिन छात्रा का परिवार शांत नहीं बैठा।

वर्ष 2018 में राजस्थान की जोधपुर कोर्ट ने इस प्रकरण में आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद आसाराम के अनुयायियों ने कई बाद पत्रिका बांटी।

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आठ महीने पूर्व जेल में बंद आसाराम केस के गवाह कृपाल हत्याकांड का आरोपी नारायण पांडेय जेल से छूटा था। जेल अधीक्षक के अनुसार उसी के द्वारा भेजे गए कंबल बांटे गए। वहीं, दूसरी ओर कार्यक्रम की फोटो सहित खबर फ्लैश होने पर हड़कंप मच गया।

अधिकारियों ने भी मामला संज्ञान में लिया। इस मामले में डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जेल अधीक्षक से आठ दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा।

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