Jabalpur: कलेक्टर ने दिखाई सख्ती तो पांच घंटे में बन गए आयुष्मान योजना के 129 गोल्डन कार्ड

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जबलपुर, आशीष शुक्ला। कलेक्टर की सख्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग अब सकते में आ गया है। अब शिविर लगाकर योजना के कार्ड बनाने की कवायद शुरू कर दी है।

आयुष्मान योजना के कार्ड बनाने में की जा रही हीलाहवाली पर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की सख्ती के बाद स्वास्थ्य विभाग सकते में आ गया है* जगह-जगह शिविर आयोजित कर योजना के कार्ड बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है।

रविवार को बरगी विकासखंड के देवरी पटपटरा ग्राम पंचायत भवन में शिविर लगाकर महज पांच घंटे के भीतर 129 आयुष्मान कार्ड बनाए गए।

कार्ड बनाने में किसी तरह की लापरवाही न होने पाए तथा कोई भी पात्र हितग्राही योजना से वंचित न होने पाए इसके लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुरारिया के निर्देश पर डीपीएम विजय पांडेय ने बरगी पहुंचकर शिविर का जायजा लिया।

विदित हो कि जिले में सैकड़ों ऐसे गांव हैं जहां योजना लागू होने के दो साल बाद भी योजना के कार्ड नहीं बनाए जा सके हैं* योजना की समीक्षा के बाद कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों के कामकाज पर नाराजगी जाहिर करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों में भी कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं।

साल भर में पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार

जानकारी के मुताबिक आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड धारक परिवार के सदस्यों को साल भर में पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार का प्रावधान किया गया है।

उपचार में होने वाले खर्च की भरपाई योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा की जाती है। कार्डधारक परिवार को योजना का लाभ मिलने लगा है लेकिन 75 फीसद से ज्यादा पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं।

वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर जिले में 21 लाख 94 हजार 500 हितग्राहियों के कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फिलहाल छह लाख कार्ड भी नहीं बन पाए हैं। हालात यह है कि 1511 में से 1020 गांवों में आयुष्मान योजना के कार्ड का खाता नहीं खुल पाया है।

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