शिवपुरी में कांग्रेस नेता सहित पांच लोगों के अतिक्रमण तोड़े

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करैरा। शिवपुरी में कांग्रेस नेता सहित पांच लोगों के अतिक्रमण तोड़े भू माफियाओं पर प्रशासन की कार्रवाई जारी है। बैराड़ में कांग्रेस नेता के रिश्तेदार के अतिक्रमण पर जेसीबी चलाने के अगले ही दिन करैरा में कांग्रेस नेता सहित पांच लोगों का अतिक्रमण तोड़ा गया। दोपहर 12 बजे चार थानों का बल सहित करीब 200 कर्मचारी दोपहर 12 बजे निर्माण तोड़ने के लिए पहुंचे। प्रशासनिक अमले ने झांसी-शिवपुरी मार्ग पर टीला रोड स्थित दो मकान और चार दुकानों पर से अतिक्रमण तोडकर जमीन मुक्त कराई।

इस जमीन का बाजार मूल्य करीब एक करोड़ रुपये है। नोटिस देने के बाद भी तय समय में अतिक्रमण न हटाने के लिए सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। करैरा एसडीएम राजन नाडिया ने बताया है कि करैरा के विनय मिश्रा, राजेंद्र जैन प्रधान ने जनहित याचिका लगाई थी। इस पर हाईकोर्ट ने निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे। एक सप्ताह पहले ही राजस्व टीम ने सीमांकन संबंधितों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया था। दो दिन बाद भी इनके द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया। प्रशासन ने सीताराम गेडा पुत्र राधेलाल गेडा, रानी पत्नी संतोष गुप्ता, कृष्णपाल सिंह पुत्र केशव सिंह वैश, मुकेश पुत्र मिश्रीलाल झा और रघुवर पुत्र तुलसीराम जाटव के वारिस राकेश, संतोष और वीरेंद्र के कब्जे हटाए हैं।

यह था मामला

विनय मिश्रा और राजेंद्र जैन प्रधान ने उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर में जनहित याचिका लगाई थी। इसमें भूमि सर्वे नंबर 2038 और ा1993 का अतिक्रमण चिन्हित करने के लिए हाइकोर्ट ने आदेश पारित किया था। इसके बाद 8 दिसंबर को राजस्व और नगर पालिका करैरा का संयुक्त दल गठित किया था। सीमांकन करने के बाद नोटिस देकर शुक्रवार को कब्जा खाली करा लिया गया।

चारो थानों पुलिस बल रहा मौजूद, नहीं हुआ कोई विरोध

पुलिस थाने के सामने स्थित सरकारी जमीन को मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने करैरा अनुविभाग के चार थानों का बल बुलाया गया था। इस अतिक्रमण हटाते समय करीब 200 कर्मचारियों का अमला मौजूद रहा। एसडीएम राजन नाडिया के साथ तहसीलदार जीएस बैरवा, एसडीओपी जीडी शर्मा, थाना प्रभारी अमित भदौरिया, अमोला थाना प्रभारी रविंद्र सिकरवार, दिनारा प्रभारी रिपुदमन और सीहोर थाना पुलिस की टीम मौजूद रही। हालांकि अमले को किसी भी तरह के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा और आसानी से अतिक्रमण को तोड़ दिया गया।

करैरा नगर में अगर देखा जाए तो सबसे ज्यादा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बना हुआ है। फिर चाहे वह मार्केटिंग की जमीन हो या फिर कॉलेज की या फिर पशु अस्पताल कच्ची गली। पुराना बस स्टैंड की हर जगह भी अतिक्रमण किया हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह से टीला रोड पर अतिक्रमण हटाया गया है, ठीक वैसी ही कार्रवाई अन्य जगह भी होना चाहिए। सरकारी जमीन पर बने मकानों को भी ढहाया जाना चाहिए।

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