LIVE Kisan Andolan: दोपहर करीब 12:00 बजे होगी 18 खाप की पंचायत, दिल्ली-यूपी पुलिस ने संभाला मोर्चा

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नई दिल्ली। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसानों का धरना-प्रदर्शन बृहस्पतिवार को 22वें दिन में प्रवेश कर दिया, जबकि दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन 20वें दिन में है।

इस बीच पिछले महीने 28 नवंबर से कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट पर बैठे किसानों के साथ बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश की 18 खाप पंचायतों के प्रतिनिधि भी जुड़ेंगे। इस दौरान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। बुधवार को विजय दिवस के मौके पर सेना के पूर्व जवान किसान आंदोलन के समर्थन में उतरे। उन्होंने कानून वापसी तक आंदोलन में साथ देने को कहा है।

वहीं, बुधवार को कुंडली बॉर्डर पर एक किसान ने खुद को गोली मार ली। जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं खाप महापंचायत के चलते किसानों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ा दी गई है। महापंचायत को लेकर खुफिया विभाग भी सतर्क हो गया है।

पुलिसकर्मियों को दी सौगंध

वहीं, विजय दिवस पर बुधवार को पूर्व सैनिकों ने जय जवान जय किसान का नारा लगाते हुए किसान आंदोलन का समर्थन किया। यूपी गेट पर पहुंचे सूबेदार वीर सिंह, फौजी नरवीर सिंह, जेपी मिश्रा समेत अन्य पूर्व सैनिकों ने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते तब तक वह किसानों के आंदोलन में उनके साथ हैैं।

उन्होंने किसानों पर लाठी न चलाने के लिए पुलिसकर्मियों को माता पिता के खून की सौगंध दी। साथ ही उन्होंने किसान आंदोलन के साथ ईवीएस से चुनाव का भी विरोध करने की अपील की।

पुलिसकर्मियों को दी सौगंध

वहीं, विजय दिवस पर बुधवार को पूर्व सैनिकों ने जय जवान जय किसान का नारा लगाते हुए किसान आंदोलन का समर्थन किया। यूपी गेट पर पहुंचे सूबेदार वीर सिंह, फौजी नरवीर सिंह, जेपी मिश्रा समेत अन्य पूर्व सैनिकों ने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते तब तक वह किसानों के आंदोलन में उनके साथ हैैं।

उन्होंने किसानों पर लाठी न चलाने के लिए पुलिसकर्मियों को माता पिता के खून की सौगंध दी। साथ ही उन्होंने किसान आंदोलन के साथ ईवीएस से चुनाव का भी विरोध करने की अपील की।

 

 

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