सावधान! ग्रहों की चाल बता रही इस बार ठंड तोड़ेगी रिकार्ड

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ग्रहों की बदलती चाल और स्थिति इस बार अधिक ठंड पड़ने की ओर संकेत करती दिख रही है, जिसके चलते अगले चंद दिनों के बाद कड़ाके की ठंड शुरू हो सकती है। आने वाले दिनों में ग्रह नक्षत्रों की चाल इस बार ऐसी ठंड की ओर इशारा करते दिख रही है जो आज से सैकड़ों वर्ष पहले पड़ी थी। ग्वालियर के बालाजी धाम काली माता मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित सतीश सोनी के अनुसार ज्योतिष शास्त्र में गुरु शुक्र बुध को जलीय ग्रह माना जाता है, जो कि परस्पर युति या दृष्टि के कारण सर्दियों में बर्फबारी और शीतलहर को जन्म देते हैं। जिससे अगले एक माह में अत्यंत अधिक शीत लहर का प्रकोप बढ़ सकता है।

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आगामी 17 दिसंबर 2020 को बुध का धनु राशि में संचरण होगा। बुध का परिवर्तन सुबह 11:26 पर होगा। धनु राशि में सूर्य के साथ बुध के आने से सूर्य बुध आदित्य योग का निर्माण होगा। जो लेखन व मैनेजमेंट सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए अधिक फायदेमंद रहेगा। वहीं 24 दिसंबर 2020 को मंगल का मेष राशि में आना सर्दी बढ़ने का कारण बनेगा। इसके साथ ही सर्दी को बढ़ाने में शनि महाराज भी अपनी मुख्य भूमिका निभाएंगे।

 

दरअसल शनि वर्तमान में मकर राशि में स्थित है। शनि के मकर राशि में स्थिति से ठंडक, सीलन, धुंध व ठंडा मौसम बनाने वाली होगी। 17 दिसंबर से 31 दिसंबर तक देश के कई हिस्सों में खंड वर्षा के साथ शीतलहर प्रारंभ होगी। ग्रहों की स्थिति यह साफ संकेत दे रही है कि आने वाली ठंड कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ देगी। एक ओर जहां उत्तर भारत में ठंड ने आते ही लोगों को कंपाना शुरू कर दिया। वहीं आने वाले दिनों में ठंड और कड़ाके की होने वाली होगी। जिसके चलते प्रदेश सहित देश के कई राज्य अत्याधिक ठंड की चपेट में आ सकते हैं।

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