रेस्टोरेंट के मेनू कार्ड में अब खाने की न्यूट्रिशन वैल्यू लिखना जरूरी

नई दिल्ली. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने एक अहम कदम उठाते हुए मेन्यू लेबलिंग का नियम तैयार किया है. जिसके तहत रेस्टोरेंट के मेनू कार्ड में अब खाने की न्यूट्रिशन वैल्यू लिखना जरूरी हो गया है. इससे आपको पता चल सकेगा कि आपके खाने में कितनी कैलोरी है. यही नहीं मेन्यू लेबलिंग करते समय पोषक तत्व की मात्रा भी लिखनी होगी. भारत सरकार ने नया लेबलिंग और डिस्प्ले रेगुलेशन जारी किया है. इसके हिसाब से 10 से ज्यादा चेन वाले रेस्टोरेंट पर यह लागू होगा. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया काफी समय से लेवलिंग रेगुलेशन को ठीक करने का प्रयास कर रहा था. इसे अब नोटिफाई कर दिया गया है.

10 से ज्यादा ब्रांच वाले रेस्टोरेंट पर लागू होगा नया नियम
बता दें कि FSSAI का यह नया नियम 10 से ज्यादा चेन वाले रेस्टोरेंट पर लागू होगा. इसके हिसाब से सेंट्रल लाइसेंस लेकर या दस से अधिक जगहों पर रेस्टोरेंट चलाने वाली कंपनियों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह अपने मैन्यू कार्ड में कैलोरी संबंधी जानकारी दें. साथ ही मेनू कार्ड में लिखना होगा कि कैलरी की कितनी मात्रा किस इंसान के लिए पर्याप्त है.

भारत सरकार के इस नोटिफिकेशन के हिसाब से मैन्यू कार्ड, डिस्प्ले बोर्ड या बुकलेट में खाने के आइटम के साथ उसके न्यूट्रीशन वैल्यू के बारे में जानकारी देना जरूरी हो गया है. पिज्जा, बर्गर बेचने वाले फ़ूड चेन जैसे पिज़्ज़ा हट, डोमिनोज, मैकडोनाल्ड आदि को भी अपने फ़ूड आइटम की कैलोरी के बारे में बताना होगा. इसके साथ ही होटल और बड़े रेस्टोरेंट को भी अपने मेनू पर यह लिखना होगा कि उसमें फूड आइटम में कितनी कैलोरी मौजूद है.

100 ग्राम के बर्गर में होती है 295 कैलोरी
एक 100 ग्राम के पिज्ज़ा में 260 कैलोरी होता है जबकि एक सौ ग्राम के बर्गर में 295 कैलोरी होती है. एक औसत एक्टिव एडल्ट व्यक्ति को रोजाना 2000 कैलोरी एनर्जी की जरूरत होती है, काम के हिसाब से लोगों की कैलोरी की जरूरत अलग अलग हो सकती है. इस तरह हर फूड आइटम पर उनकी न्यूट्रिशन वैल्यू लिखे होने से यह पता चल सकेगा कि कितनी कैलरी ली जा सकती है.