कलेक्टर की दो टूक: दसवीं और बारहवीं परीक्षाओं में बेहतर परिणाम लाने अभी से तैयार करें रणनीति

जबलपुर। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने अगले शैक्षणिक सत्र में दसवीं और बाहरवीं के परीक्षा के बेहतर परिणामों के लिए अभी से रणनीति तैयार करने के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिये हैं।

आज शनिवार की दोपहर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि शिक्षा अधिकारियों को अपने अच्छे और अनुभवी शिक्षकों की टीम बनानी होगी जो कमजोर छात्रों की एक्स्ट्रा क्लास ले, उनकी शंकाओं का समाधान करें, कठिन विषयों और संभावित प्रश्नों पर नोट्स तैयार कर बच्चों को उपलब्ध करायें तथा मासिक टेस्ट भी लें।

कलेक्टर ने बैठक में निर्माणाधीन शाला भवनों का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि उन शाला भवनों के निर्माण कार्यों को भी एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ कराया जाये जो किसी वजह से अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है।

कलेक्टर ने बैठक में कक्षा 1 से 8वीं की कक्षाएं प्रारंभ होने तक शिक्षकों को रचनात्मक गतिविधियों से जोडऩे के निर्देश भी दिये हैं। उन्होंने कहा कि प्रायमरी एवं मिडिल स्कूल के शिक्षकों को अपनी शाला को व्यवस्थित और सुंदर बनाने के जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।

श्री शर्मा ने बैठक में शिक्षा विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों खास तौर पर छात्रवृत्ति से संबंधित शिकायतों का सात दिन के भीतर निराकरण करने की हिदायत भी बैठक में दी है।

कलेक्टर ने बैठक में लक्ष्य के अनुरूप सभी बच्चों का शाला में प्रवेश सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा जिन बच्चों ने अभी तक शालाओं में प्रवेश नहीं लिया है शिक्षकों को घर-घर जाकर उनके माता-पिता से संपर्क करने की जिम्मेदारी दी जाये। श्री शर्मा ने लक्ष्य के अनुरूप एनरोलमेंट नहीं हुआ तो संबंधित शाला के शिक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश भी दिये हैं।

श्री शर्मा ने बैठक में हमारा घर-हमारा विद्यालय कार्यक्रम के तहत बच्चों को पाठ्यपुस्तकों के वितरण की स्थिति का ब्यौरा भी लिया। उन्होंने मोहल्ला क्लास की मानीटरिंग करने के निर्देश भी दिये हैं।

श्री शर्मा ने सीएम-राईज कार्यक्रम के तहत कक्षा एक से बाहरवीं तक की ऐसी शालाओं का चयन करने के निर्देश दिये हैं, जहां इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर हो और ज्यादा कक्षाएं लगाई जा सकें।

श्री शर्मा ने शालाओं के संचालन में कोरोना को दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा जारी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की हिदायत भी बैठक में दी है। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी सुनील नेमा, जिला परियोजना अधिकारी राज्य शिक्षा मिशन आरपी चतुर्वेदी भी मौजूद थे।