45 मिनट पहले भोपाल पहुंचेगी नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, जानिए वजह

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आगरा से भोपाल के लिए रेल से यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब दिल्ली से भोपाल के बीच सफर का समय 45 मिनट तक कम होने जा रहा है। नया स्पीड प्रोटोकॉल लागू होने के बाद तीसरी रेल लाइन पर ट्रेनों का संचालन होने से यह परिवर्तन होगा। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने नए स्पीड प्रोटोकॉल को प्रारंभिक मंजूरी दे दी है। तीसरी रेलवे लाइन पर आगरा से झांसी होते हुए भोपाल तक ट्रेनों के संचालन की तैयारी है।

रेलवे यात्रियों को कम समय में यात्रा की सुविधा के लिए निरंतर नए प्रयोग कर रहा है। हाई स्पीड कॉरिडोर के साथ-साथ तीसरी और चौथी लाइन बिछाकर रेलवे का यात्री ट्रेनों की गति बढ़ाने पर जोर है। रेलवे के अनुसार ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने का उद्देश्य दिल्ली से मुंबई के बीच लगने वाले यात्रा समय में एक से डेढ़ घंटे तक की कमी करना है। इससे भविष्य में चलने वाली प्राइवेट ट्रेन सहित सभी ट्रेनों के लाखों यात्रियों को फायदा होगा। रेल अधिकारियों के अनुसार लॉकडाउन में जब ट्रैक खाली थे तो आगरा, झांसी, भोपाल मंडल में कई जगह ट्रैक के घुमाव को भी कम करने का काम किया गया है। ऐसे में जहां मामूली घुमाव थे, उन्हें तो पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद ट्रेनों को पहले के मुकाबले अधिकतम 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज रफ्तार के साथ चलाने में आसानी हो जाएगी।

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आगरा-झांसी के बीच डेढ़ दर्जन स्थानों पर काम
अधिकारियों ने बताया कि ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए डेढ़ दर्जन से ज्यादा स्थानों पर घुमाव कम कर पटरियों के बीच लगने वाले जोड़ की दूरी भी बढ़ाई गई है। जिससे भी स्पीड को बढ़ाने में मदद मिली है। इसका असर अभी चल रहे ट्रायल के दौरान सामने आने लगा है।

शताब्दी 45 मिनट, भोपाल एक्सप्रेस 30 मिनट जल्दी पहुंचेंगी
ट्रैक के घुमाव खत्म होने के बाद ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी तो शताब्दी एक्सप्रेस 45 मिनट और भोपाल एक्सप्रेस 30 मिनट पहले गंतव्य तक पहुंचेंगी। इसके साथ ही कई अन्य सुपरफास्ट ट्रेनों के समय में भी फर्क पड़ेगा। लॉकडाउन में सेंट्रल रेलवे के साथ-साथ उत्तर मध्य रेलवे ने मिलकर इस काम को अंजाम दिया है।

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