भाजपा संगठन की राडार पर हैं कुछ और विभागों के अधिकारी, बन चुकी है सूची!

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कटनी। कटनी कलेक्टर के तबादले के बाद अब भारतीय जनता पार्टी संगठन की लिस्ट तैयार हो चुकी है करीब 17 बड़े अधिकारियों पर जल्द ही तबादले की गाज गिर सकती है। सूत्रों के अनुसार भाजपा संगठन उन अधिकारियों से पहले ही खार खाये बैठा था जो कांग्रेस शासनकाल में पदस्थ हुए थे। ऐसे अधिकारियों को बीजेपी की सरकार बनते ही कोरोना का लाभ मिल गया था। भाजपा के संगठन सूत्रों की मानें तो डेढ़ दर्जन अधिकारियों को कटनी से हटाने के लिए संगठन पहले ही अपनी अर्जी प्रदेश नेतृत्व के साथ मुख्यमंत्री या फिर सम्बंधित विभागीय मंत्री को भेज चुका है, किंतु इसी समय कोरोना संकट लॉक डाउन फिर उप चुनावों के चलते यह सूची पेंडिंग रही।

अब सरकार भी स्थिर हो चुकी है तो वहीं कोरोना संक्रमण में भी कमी आई है । सीएम शिवराज भी एक्शन में हैं मतलब लोहा गर्म है, अब बीजेपी संगठन अधिकारियों को हटाने के लिए फिर से सक्रिय हो गया है। साफ है कि कटनी जिले में पुलिस, विधुत विभाग, शिक्षा, जल संसाधन, जिला पंचायत तथा पीडब्ल्यूडी विभागों में बड़े अधिकारियों का जल्द तबादला हो सकता है।

भाजपा का आरोप- कांग्रेसी मानसिकता से काम कर रहे अधिकारी

भाजपा प्रदेश में सरकार बनने के बाद से ही यह आरोप लगाती रही है कि जिले में पदस्थ कई अधिकारी अभी भी कांग्रेसी मानसिकता से काम कर रहे खास तौर पर भाजपा के मण्डल अध्यक्ष ऐसे अधिकारियों की लगातार शिकायत करते हैं। जिला दफ्तर में अक्सर इन शिकायतों को लेकर ग्रामीण पदाधिकारी पहुंचते हैं। जानकारी के मुताबिक ऐसे मंडलों की तरफ से भी अधिकारियों से लिस्ट जल्द ही मंगाई जा रही है जो भाजपा कार्यकर्ताओं को तव्वजो नहीं देते। इन सभी पर गाज गिरना तय है।

योजनाओं का जनता तक लाभ नहीं पहुंचाने वाले अधिकारियों की सूची तैयार

भाजपा सूत्रों की मानें तो ऐसे तमाम अधिकारी कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है जो शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने में कोताही बरतते है। भाजपा नेताओं का साफ कहना है कि प्रदेश और केंद्र की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे इसकी संगठन की तरफ से मॉनिटरिंग की जा रही है। संगठन के स्थानीय नेताओं से भी राय ली जा रही है। आने वाले समय मे इन अधिकारियों कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है जो सरकार की योजना के प्रति लापरवाह हैं।

संगठन की नजर है- रामरतन पायल

भाजपा जिलाध्यक्ष रामरतन पायल भी स्वीकारते हैं कि संगठन के वरिष्ठ लोग स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली से ज्यादा खुश नहीं हैं। इन सभी शिकायतों को गम्भीरता से लिया जा रहा है। संगठन शीर्ष नेतृत्व के साथ सूबे के मुख्यमंत्री व विभागीय मंत्रियों को ऐसे अधिकारी कर्मचारी के बारे में अवगत करा चुका है। श्री पायल के अनुसार भाजपा संगठन कभी भी शासन तंत्र के मामले हस्तक्षेप नहीं करता लेकिन अधिकारी कर्मचारी जनहितकारी मुद्दों को लेकर लगातार मिल रही शिकायत के बाद इस पर आंखें बन्द नहीं की जा सकतीं।

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