किसी मुगालते में न रहें राजनीतिक दल..! किन्नर को भी चुन चुकी है कटनी की जनता

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कटनी। कटनी शहर में महापौर चुनाव को लेकर तमाम जिज्ञासा पर विराम लग गया आज जब भोपाल में महापौर पद के लिए आरक्षण सम्पन्न हुआ। आरक्षण के बाद कई दावेदारों को झटका लगा तो वहीं कई की बाझें खिल गईं।

दरअसल सुबह से ही कटनी महापौर के आरक्षण को लेकर लोगों में उत्सुकता थी। जैसे ही पता लगा कि कटनी महिला वर्ग के लिए आरक्षित है लोगों में यह कयास लगने लगीं की अब पिछड़ा महिला होता है या फिर महिला मुक्त वार्ड कुछ ही क्षणों में राजधानी से खबर मिली कटनी महिला सामान्य अर्थात महिला मुक्त के लिए आरक्षित हो गया है निः संदेह यह खबर कुछ दावेदारों के लिए समीकरण बिगाड़ने वाली थी तो वहीं सामान्य वर्ग की महिला नेत्रियों के चेहरे पर खुशी देने वाली थी।

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महिला मुक्त वार्ड होते ही। कटनी में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में कतार लंबी होती दिखेगी। वैसे राजनीतिक दलों के नजरिये से देखा जाए तो सामान्य वर्ग की महिला पर ही राजनीतिक दल फोकस करेंगे अगर पार्टियों को सामान्य वर्ग से योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पाता तब वह जातिगत समीकरण को साधने पिछड़ा या फिर किसी अन्य को टिकट के लिए विचार करेंगे जिसकी सम्भावना बेहद कम है क्योंकि प्रमुख राजनीतिक दलों में सामान्य वर्ग से महिला दावेदारों की कोई कमी नहीं है।

भोपाल में हुआ आरक्षण

कटनी महापौर पद पर आरक्षण की प्रक्रिया भोपाल में सुबह 10 बजे से प्रारम्भ हुई थी। 11 बजते बजते स्थिति साफ हो गई। कटनी सहित सभी 16 नगर निगम के आरक्षण सम्पन्न हुए इसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष तथा नगर पंचायत अध्यक्ष के आरक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ हुई जो समाचार लिखे जाने तक जारी थी।

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दोनो दलों के लिए कठिन है उम्मीदवार चुनाव

निश्चित तौर पर कटनी की राजनीति बेहद कठिन है। नहीं भूलना चाहिए कि महापौर के चुनाव में कटनी ने थर्ड जेंडर अर्थात किन्नर कमला जान को भी महापौर बना दिया था तो वहीं निर्दलीय सन्दीप जायसवाल को भी कुर्सी सौंप दी थी। यूं तो कटनी शहर भाजपा का गढ़ माना जाता है मगर सिर्फ इस से इसे भाजपा के लिए आसान मानना मुगालते में रहना जैसा ही होगा। सिर्फ भाजपा ही नहीं कमोबेश कांग्रेस के लिए भी यही स्थिति है उसके पास भी उम्मीदवार की कमी नहीं लेकिन जनता ने दिखा दिया है कि वह विधानसभा या लोकसभा के नतीजों को स्थानीय निकाय में पूरी तरह से पलट सकती है। साफ है राजनीतिक दल किसी भी मुगालते में नहीं रहेंगे।

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इस बार संघर्ष होगा क्लोज

कटनी नगर निगम में महिला वर्ग के लिए मुक्त आरक्षण हुआ है ऐसे में दावेदारी की फेहरिस्त लंबी होना तय है राजनीतिक नजरिये से इसमे कई समीकरण नजर आते दिख रहे हैं लेकिन इस बार कई छोटे दल भी योग्य प्रत्याशी खड़ा कर मुकाबला दिलचस्प बनाने के लिए आतुर हैं। स्पस्ट है कि इस बार संघर्ष काफी क्लोज होगा।

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