99 साल की मां हुई बेघर, सड़क पर पड़ी रहीं, किसी ने सुध नहीं ली

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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की 99 साल की एक बुर्जुग महिला ने अपने बेटे-बहुओं पर घरेलू हिंसा का कोर्ट में केस दायर कराया है। वृद्धा को ऐसा इसलिए करना पड़ा, क्योंकि उसके चार बेटे-बहुओं ने उसे दर-ब-दर कर दिया है। 

चार बेटों में दो सरकारी नौकरी में
बुजुर्ग के नाम सात-आठ एकड़ जमीन और एक मकान भी है। यह सब चीजें बुजुर्ग महिला के बेटों ने हड़प ली हैं। वृद्धा के दो बेटे सरकारी नौकरी में हैं तो दो बेटे खेती करते हैं।
इतनी उम्र में काट रही कोर्ट के चक्कर
यह पहला मौका है जब किसी बुजुर्ग महिला को 99 वर्ष की उम्र में कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वृद्धा कहती हैं, ‘बुरा तब लगता है जब बेटे-बहू ताने मारते हैं और कहते हैं कि मर क्यों नहीं जाती ताकि पिंड छूटे।’ बेटा और बहुओं द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बाद बुजुर्ग महिला ने उनके खिलाफ जिला कोर्ट में घरेलू हिंसा और भरण-पोषण की अर्जी लगाई है। 

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पति की बंदूक का लाइसेंस रद्द करने की मांग की
वृद्धा ने कोर्ट से बेटों से पांच लाख रुपये के अलावा 20 हजार रुपये हर माह दिलाने और पैतृक मकान में सम्मानपूर्वक रहने का अधिकार दिलाने की बात कही है। यह मामला जज आशीष परसाई की कोर्ट में विचाराधीन है। बुजुर्ग महिला ने अर्जी में एक बात और कही है कि उनके पति के नाम पर एक बंदूक थी, जिस पोते ने अपने नाम करा लिया है। वह चाहतीं है कि उस बंदूक का लाइसेंस रद्द कर दिया जाए।

बेटे-बहू और पोते पर कई आरोप लगाए
इस 99 वर्षीय महिला के सात बच्चे थे। इनमें से सबसे बड़े बेटे की मौत हो गई, छोटा बेटा दिव्यांग है इसलिए उसकी शादी नहीं हुई और एक बेटी की शादी पहले ही हो गई है। बाकी चार बेटों ने मां की संपत्ति पर हक जमाया हुआ है। बुजुर्ग महिला ने अपने बेटे-बहू, पोते समेत अन्य के खिलाफ गाली-गलौज, संपत्ति हड़पने और घर से निकाले जाने के आरोप लगाए हैं। 

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जान से मारने की धमकी
दो महीने पहले वृद्धा को यह कहकर घर से बाहर निकाल दिया गया था कि अब अगर घर वापस आई तो जान से मार देंगे। यह बात जब दिव्यांग बेटे को पता चली तो वो अपनी मां को अपने साथ भोपाल ले आया। 

दो दिन सड़क पर पड़ी रहीं, किसी ने सुध नहीं ली
बुजुर्ग महिला के वकील महेंद्र वर्मा ने बताया कि वृद्धा के बेटे-बहू कई तरह से उनको प्रताड़ित करते हैं। वह शुगर और बीपी से ग्रसित हैं, पर उनके बेटों ने उनका इलाज कराने से मना कर दिया है। उनका फ्रेक्चर हो गया था, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। वो दर्द से कराहती रहीं लेकिन कोई उन्हें अस्पताल में नहीं लेकर गया। उनके बच्चों ने उन्हें घर से निकाल दिया तो वह दो दिन तक सड़क पर पड़ी रहीं। 

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