Garment Park Jabalpur: गारमेंट पार्क बनने से खुलेंगे जबलपुर में निवेश के द्वार

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जबलपुर। Garment Park Jabalpur: गारमेंट पार्क बनने से खुलेंगे जबलपुर में निवेश के द्वार जिले में गारमेंट पार्क खुलने से जबलपुर में निवेश के द्वार खुलेंगे। इससे ​जबलपुर का औद्योगिक व आर्थिक विकास होने के साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ जाएंगे। यह कहना है शहर के उद्योगपतियों का।

उद्योगपति बताते है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने जबलपुर में गारमेंट पार्क बनाने की घोषणा की थी। तब करीब 50 करोड़ की लागत से जिले के आस—पास 25-40 एकड़ जमीन पर गारमेंट पार्क बनने की उम्मीद रही। जिले के जनप्रतिनिधि एकजुट होकर आज भी प्रयास करें, तो जबलपुर में गारमेंट पार्क की स्थापना हो सकती है। इसके लिए यहां पर्याप्त जमीन, सस्ता श्रम, अच्छी सड़कें, रेल व एयर कनेक्टिविटी के साथ ही बिजली, पानी की पर्याप्त उपलब्धता है। सरकार यहां बनने वाले गारमेंट पार्क में स्थापित होने वाले उद्योगों के संचालकों को 70 फीसद स्थानीय व्यक्तियों के लिए रोजगार देने का नियम बनाकर स्थानीय नागरिकों को पर्याप्त रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा सकती है। इस पार्क की स्थापना से जबलपुर की गारमेंट नगरी के तौर पर पहचान भी बनेगी।

इच्छाशक्ति होना जरूरी: जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष खरे ने बताया कि जबलपुर गारमेंट पार्क बनना अब सरकार की मर्जी पर है। प्रदेश सरकार चाहे तो आइटी पार्क की तर्ज पर गारमेंट पार्क यहां स्थापित करके निवेशकों को सभी सुविधाएं मुहैया करा सकती है। इसके लिए सिर्फ इच्छाशक्ति होना जरूरी है।

उत्पादन लागत कम होगी: चेम्बर के चेयरमैन प्रेम दुबे ने बताया कि गारमेंट पार्क में धागा निर्माण, पैकेजिंग को प्राथमिकता दी जाए, जिससे उद्योगों को कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। उक्त दशा में वस्तु की उत्पादन लागत में कमी आएगी और जबलपुर के वस्त्र निर्माता राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।

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