अब राशन के नमक में रेत की मिलावट, बीना में सामने आया मामला

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Madhya Pradesh News। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गरीबों को एक रुपये किलो में दिए जाने वाले नमक में बारीक रेत मिलाने का मामला सामने आया है। पानी में डालने पर नमक बर्तन की तह में जाकर जम जाता है।

पानी का रंग मटमैला हो जाता है। पानी अलग करने पर बर्तन की तह में रेत के बारीक कण जमे होते हैं। नमक खरीदने वाले हितग्राही अब यह नमक खाने से परहेज कर रहे हैं। यह मामला सागर जिले के बीना ब्लॉक और जबलपुर की राशन दुकानों से बांटे जा रहे नमक में सामने आया है। डॉक्टरों के मुताबिक यदि लगातार रेत के ये कंकड़ शरीर में जाते हैं तो आंतों को गंभीर नुकसान हो सकता है।

ऐसे सामने आई मिलावट

दरअसल नमक में रेत मिलने की जानकारी बीना के बेरखेड़ीमाफी निवासी जोधन अहिरवार से चर्चा के दौरान सामने आयी। उन्होंने नईदुनिया को बताया कि इस बार शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से जो नमक मिला है, उसमें रेत मिली हुई है। सच्चाई जानने के लिए नईदुनिया की टीम गुरुवार सुबह उनके घर पहुंची और नमक का पैकेट बुलवाकर एक लीटर पानी में नमक घोल दिया।

नमक घुलने के बाद उसमें बालू जैसे हजारों कंकड़ दिखने लगे। गांव के अन्य लोगों ने भी बताया कि नमक खाने लायक नहीं है, इसलिए उन्होंने फेंक दिया है। इसके बाद नईदुनिया टीम बिहराना स्थित नागरिक आपूर्ति निगम के वेयर हाउस पहुंची, जहां पर नमक का स्टॉक है। वेयर हाउस के मैनेजर एमके पालिया और पूर्व जनपद अध्यक्ष इंदर सिंह के साथ गोदाम में रखी नमक की बोरियों से एक पैकेट निकालकर वही प्रक्रिया फिर की। नमक घुलने के बाद थाली में रेत के बारीक कण दिखने लगे। इसी तरह जबलपुर के गढ़ा स्थित राशन दुकान से विजय नामदेव को मिले नमक में भी यह शिकायत सामने आई है।

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