राज्‍यपाल के कार्यक्रम से म‍िला शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को बल

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भोपाल। शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं। इसे राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के सात दिसंबर की जगह शुक्रवार को भोपाल आने से बल मिला है। हालांकि, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में गैस त्रासदी बरसी पर आयोजित सर्वधर्म सभा के बाद मीडिया से चर्चा कहा कि अभी तारीख तय नहीं है। राजभवन से प्राप्त अधिकृत जानकारी के अनुसार राज्यपाल शुक्रवार को 3.15 बजे लखनऊ से भोपाल आएंगी। उनका पहले सात दिसंबर को आना प्रस्तावित था।

सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल के आगे के कार्यक्रम अभी तय नहीं हैं। हालांकि, कुछ स्थानों का दौरा कर सकती हैं। उधर, मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट मुख्यमंत्री के ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के मुलाकात के बाद तेज हो गई है।

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सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री के ऊपर मंत्रिमंडल का विस्तार करने के साथ आयोग, निगम और मंडलों में नियुक्तियां करने का दबाव भी है। दरअसल, 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के बाद से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं। उपचुनाव के दौरान मंत्री से इस्तीफा देने वाले गोविंद सिंह राजपूत और तुलसीराम सिलावट प्रतिद्वद्वियों को बड़े अंतर से पराजित करके विधायक निर्वाचित हो चुके हैं। इनके इस्तीफा से मंत्रिमंडल में दो पद खाली हुए हैं।

 

वहीं, उपचुनाव में हारने वाले मंत्री एदल सिंह कंषाना का इस्तीफा राजयपाल स्वीकार कर चुकी हैं। दो अन्य मंत्री इमरती देवी और गिर्राज डंडोतिया ने भी चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे दिया है। इन्हें अभी राज्यपाल को स्वीकृत करने के लिए नहीं भेजा गया था। बताया जा रहा है कि दोनों इस्तीफा जल्द ही राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजे जाएंगे। वहीं, मंत्रिमंडल में एक पद पहले से खाली है।

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इस प्रकार देखा जाए तो मंत्रिमंडल में अधिकतम छह सदस्य शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि, इनका चयन करना आसान काम नहीं है क्योंकि हालात एक अनार सौ बीमार जैसे हैं। पिछली शिवराज सरकार में शामिल रहे पूर्व मंत्री दावेदारी जता चुके हैं। उधर, चुनाव हारने वाले नेताओं के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को आयोग, निगम और मंडलों में समायोजित करने का दवाब है। बताया जा रहा है कि अभी पार्टी स्तर पर इस मुद्दे को लेकर मंथन का दौर ही चल रहा है। संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री राज्यपाल से शुक्रवार को मुलाकात कर सकते हैं।

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