मिर्जापुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान, बोले-जाना चाहता हूं पाकिस्तान  

मिर्जापुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान, बोले-जाना चाहता हूं पाकिस्तान । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी इच्छा पाकिस्तान जाने की है। यह पूछे जाने पर क्या वह पाकिस्तान गए हैं, उन्होंने कहा कि वह गए तो नहीं हैं लेकिन जाना चाहते हैं। दिग्विजय सिंह गुरुवार को मिर्जापुर जिले में थे। देर शाम उन्होंने मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन किए।

उसके बाद नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपचंद्र जैन के निवास पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी इच्छा पाकिस्तान जाने की है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी बदला नहीं जा सकता। इसके लिए पाकिस्तान से बातचीत की जानी चाहिए। किसान बिल के बारे में कहा कि केंद्र सरकार ने यह कानून निजी कंपनियों के इशारे पर बनाया है। इससे गरीब किसान को कोई लाभ नहीं है बल्कि उसे नुकसान ही है।

यदि किसान को उसकी उपज का मूल्य कंपनी नहीं देती है तो वह न्यायालय नहीं जा सकता बल्कि एसडीएम उसका मामला सुलझाएगा। कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ है और उनकी लड़ाई में बराबर की भागीदार है। किसानों को उनका हक दिलाया जाएगा। डब्ल्यूटीओ सदैव ही भारत पर दबाव बनाती रही है, लेकिन कांग्रेस की सरकारों उसका दबाव बर्दाश्त नहीं किया।
किसान मामले में पीएम मोदी ने शांता कुमार की कमेटी बनाई। आज अमित शाह ने भी कुछ कहा है। यदि पहले ही कहे होते तो इसकी नौबत ही क्यों आती। कहा कि इस मसले को इसीलिए सिलेक्ट कमेटी को भेजे जाने की मांग की जा रही थी ताकि वहां चर्चा हो सके। पीएम ने तो बिना चर्चा के ही इस बिल को पास करा दिया।

 
ईवीएम के बारे में कहा कि कांग्रेस सदैव से ही ईवीएम के लिए आवाज उठाती रही है। उनको ईवीएम पर कतई भरोसा नहीं है। यदि कोई सॉफ्टवेयर है तो उसका प्रोग्राम सार्वजनिक किया जाना चाहिए। जो वीवीपैट आता है तो उससे बेहतर है कि बैलट पेपर दिया जाय यही तो हम चाहते हैं।

मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज खां पर भी लागू हो लव जिहाद कानून
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने लव जिहाद के मसले पर कहा कि यदि लव जिहाद बिल बनने से बेरोजगारी, महंगाई व भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके तो इस कानून की सार्थकता है। उन्होंने कहा कि लव जिहाद का कानून मुख्तार अब्बास नकवी व शहनवाज खां पर भी यह लागू होना चाहिए। यह कहने पर कि यह तो उत्पीड़न पर ही लागू होता है। उन्होंने कहा कि क्या पता उत्पीड़न हुआ हो। कुछ व्यापारियों ने भी अपनी बात रखी।