किसानों ने कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए समिति बनाने की केंद्र की पेशकश ठुकराई

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नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं की केंद्र से पहले दौर की बातचीत खत्म हो गई है। किसानों ने इन कानूनों पर चर्चा के लिए समिति बनाने की केंद्र की पेशकश ठुकरा दी है। सरकार ने किसानों से मंगलवार दोपहर 3 बजे बातचीत शुरू की थी। करीब दो घंटे चली बैठक में केंद्र ने ही किसानों के सामने नई कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखा था। इसमें सरकार और किसानों प्रतिनिधियों के अलावा एक्सपर्ट्स को रखने की बात कही गई थी। केंद्र ने किसानों को मिनिमम सपोर्ट प्राइज (MSP) पर प्रेजेंटेशन भी दिया।

केंद्र शाम 7 बजे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली के डेलीगेशन से चर्चा करेगी। किसानों के साथ बैठक से पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि हम किसानों की मांगें सुनने के बाद आगे की राह तय करेंगे। बैठक में तोमर के साथ वाणिज्य मंत्री सोम प्रकाश और रेल मंत्री पीयूष गोयल मौजूद थे।

सरकार के बुलावे पर किसानों ने कहा था कि वे मीटिंग के लिए इसलिए तैयार हुए हैं, क्योंकि इस बार सरकार ने कोई शर्त नहीं रखी है। इस बीच, हरियाणा के निर्दलीय विधायक और सांगवान खाप के प्रमुख सोमबीर सांगवान ने खट्टर सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। चरखी दाददी में सांगवान ने कहा- किसानों पर हुए अत्याचारों को देखकर मैं सरकार से अपना समर्थन वापस लेता हूं।

आंदोलन से जुड़े अपडेट्स

  • CAA के खिलाफ शाहीन बाग के प्रदर्शन में शामिल हुईं 82 साल की बिल्किस बानो को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वे किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने सिंघु बॉर्डर पर पहुंची थीं।
  • भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को समर्थन देने दिल्ली-यूपी बॉर्डर पहुंचे।

पहले भी पंजाब के किसानों को ही न्योता मिला था
सरकार ने सोमवार देर रात किसानों को बातचीत का न्योता भेजा था। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि जो किसान नेता 13 नवंबर की मीटिंग में शामिल थे, उन्हें न्योता दिया गया है। हालांकि, इस पर विवाद हो गया।

दरअसल, कृषि विभाग के सचिव की तरफ से जारी हुई न्योते की चिट्‌ठी में 32 किसानों के नाम थे। ये सभी पंजाब के किसान नेता थे। ये हरियाणा के अपने साथियों का नाम भी शामिल करने का दबाव बनाने लगे। इसके बाद न्योते में हरियाणा से गुरनाम चढ़ूंनी और मध्यप्रदेश से किसान नेता शिवकुमार शर्मा कक्काजी का नाम शामिल किया गया।

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