भारत को मिली एक और कामयाबी, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के लैंड अटैक वर्जन का सफल परिक्षण

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भारत को मिली एक और कामयाबी, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के लैंड अटैक वर्जन का सफल परिक्षण। भारत चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच अपनी ताकत में लगातार इजाफा कर रहा है। इसी के तहत भारत ने आज अंडमान-निकोबार द्वीप समूह क्षेत्र से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के लैंड अटैक वर्जन का टेस्ट किया।
नई दिल्ली। भारत ने आज अंडमान-निकोबार द्वीप समूह (Andaman and Nicobar Island) क्षेत्र से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल (BrahMos supersonic cruise missile) के लैंड अटैक वर्जन का टेस्ट किया, जो बेहद कामयाब रहा। मिसाइल का टारगेट वहां मौजूद एक अन्य द्वीप पर था।

बता दें कि भारत चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच अपनी ताकत में इजाफा करने में जुटा हुआ है। भारत लगातार क्रूज और बैलेस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है। जिसमें उसे सफलता भी मिल रही है। पहले जितने परीक्षण पूरे साल में हुआ करते थे, उससे ज्यादा परीक्षण गत दो से तीन माह के भीतर हो चुके हैं।

वहीं, पिछले हफ्ते भारत ने ओडिशा से क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। यह इलेक्ट्रॉनिक काउंटर सिस्टम से लैस है। यह एयरक्राफ्ट रडार के जैमर को मात देने में सक्षम है। इसमें ठोस ईधन का इस्तेमाल किया जाता है। इस मिसाइल का एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा सफल परीक्षण था। बताया गया कि इसकी मारक क्षमता 30 किलोमीटर से ज्यादा है।

सुखोई से दागी गई ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल

भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 लड़ाकू विमान ने भी हाल ही में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल से बंगाल की खाड़ी में अपने टारगेट को निशाना बनाया था। इस ऑपरेशन के लिए सुखोई विमान ने पंजाब के हलवारा एयरबेस से उड़ान भरी थी। सुखोई विमान की दूर तक पहुंच के कारण इसे हिंद महासागर क्षेत्र का शासक भी कहा जाता है। यह स्क्वाड्रन भी ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल से लैस है।

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