बेपनाह मोहब्बत की मिसाल, पत्नी के लिए घर में बनाया ‘ICU’, कार को बनाया ‘एंबुलेंस’

जबलपुर: बेशक ताजमहल मोहब्बत की निशानी है और ऐसी ही बेमिसाल मोहब्बत के मालिक है जबलपुर के ज्ञान प्रकाश खरे, 74 साल के रिटायर्ड इंजीनियर ने अपनी 72 साल की पत्नी के लिए वो कर दिखाया है। जो नौजवान भी करने में कई बार सोचेंगे। जी हां, ज्ञान प्रकाश खरे ने अपनी बीमार पत्नी की देखभाल के लिए उन्होंने घर को ICU और कार को एंबुलेंस में तब्दील कर दिया ताकि उनकी मोहब्बत सलामत रहे।

ये घर बेपनाह मोहब्बत की मिसाल है। दिखने में आपको अस्पताल लगेगा, लेकिन यही तो मोहब्बत की निशानी है। जबलपुर के रहने वाले रिटायर्ड इंजीनियर ने अपनी बीमार पत्नी की देखभाल के लिए घर को ICU में तब्दील कर दिया। 74 साल के ज्ञान प्रकाश खरे के बेटा-बेटी विदेश में हैं और वो अपनी पत्नी के साथ अकेले रहते हैं। पत्नी को ओटू नार्कोसिस नाम की बीमारी है जिसमें शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। जिंदा रहने के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत होती है। अस्पताल के चक्कर काटने के बाद ज्ञान प्रकाश ने अपने घर को ही अस्पताल बना दिया। वैंटिलेटर, घर में ऑक्सीजन पाइप लाइन की फिटिंग करा दी, एयर प्यूरिफायर के अलावा वो तमाम सुविधाएं मुहैया करा ली जो एक ICU में मौजूद होती है।

ज्ञान प्रकाश कई तरह की मोबाइल डिवाइस से भी पत्नी की देखरेख करते हैं। ना केवल घर को ICU में तब्दील किया है, बल्कि इमरजेंसी के लिए कार को भी एंबुलेंस बना दिया है। ताकि कोई परेशानी ना हो, ज्ञान प्रकाश दूसरे लोगों को भी कोरोनाकाल में अपने घरों पर सुविधाएं रखने की बात करते हैं।

बेशक कुमुदनी खरे की जिंदगी के लिए ये तमाम सुविधाएं बेहद जरूरी है। जरूरत तो है ही, लेकिन इन सबके पीछे छिपा है ज्ञान प्रकाश खरे का बेशुमार प्यार। जिन्होंने अपनी मोहब्बत की सलामती के लिए घर को अस्पताल बनाने में देर नहीं की और उनकी मोहब्बत का चिराग हमेशा रोशन हो रहा है।