अस्पताल में आग: इन 2 महिला डॉक्टरों ने जान पर खेलते बचाया 9 कोरोना मरीजों को

ग्वालियर।  सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य के कोविड सेंटर में शनिवार दोपहर आग लग गई। यहां 9 कोरोना मरीज भर्ती थे। हॉस्पिटल के डॉक्टरों और स्टाफ की बहादुरी से सभी मरीजों को बचा लिया गया है। दोपहर करीब 2 बजे आग की सूचना मिलते ही दो महिला डॉक्टर तुरंत वार्ड में पहुंचीं। PPE किट पहनने का वक्त नहीं था तो बिना किट रेस्क्यू में जुट गईं। साथ-साथ दूसरे डॉक्टरों और स्टाफ को भी बुला लिया।

इस आग में 9 मरीजों में से 2 मामूली तौर पर झुलसे हैं। सभी को दूसरी जगह शिफ्ट करने के बाद आग पर काबू पा लिया गया। एक वेंटिलेटर इस आग में जल गया है।

चौथी मंजिल पर ICU में लगी थी आग
शॉर्ट सर्किट की वजह से अस्पताल की चौथी मंजिल पर स्थित ICU में आग लगी थी। इसका पता चलते ही सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की नोडल अफसर नीलिमा टंडन और नीलिमा सिंह तुरंत चौथी मंजिल पर पहुंची। PPE किट पहनने का वक्त नहीं था। मरीजों की जान बचाने की खातिर दोनों डॉक्टरों ने बाकी स्टाफ और डॉक्टरों को बुलाया और खुद बिना किट पहने मरीजों की जान बचाने में जुट गईं। इसी तेजी के चलते सभी मरीजों को बचा लिया गया।

इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक जूनियर डॉक्टर की तबीयत बिगड़ गई। उसे ICU में भर्ती करवाया गया और अब वह खतरे से बाहर है।

मरीजों के बचाने वाली डॉक्टर बोलीं- बस यही सोच रहे थे, कहीं देर न हो जाए
डॉक्टर नीलिमा सिंह ने कहा, ‘शोर सुनते ही हम लोग चौथी मंजिल पर पहुंचे। हर तरफ धुआं था। हमने सभी को अलर्ट किया और सबसे पहले मरीजों को वार्ड से बाहर निकालने में जुट गए। हम बस यही सोच रहे थे कि कहीं देर न हो जाए। पूरा फोकस केवल मरीजों को बचाने पर ही था। तब क्या हालात थे, ये हम ही जानते हैं।’

सोशल मीडिया पर खबर आग की तरह फैली, अस्पताल में भीड़ लग गई
आग की खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही मरीजों के परिजन और दूसरे लोगों की भीड़ अस्पताल में जमा होने लगी। आग के दौरान यहां भगदड़ भी मच गई थी। इसी दौरान एक एंबुलेंस में लश्कर सर्किल से कोरोना मरीजों को लाया गया, लेकिन करीब 2 घंटे तक उन्हें एंबुलेंस में ही रखा गया