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चारा घोटाले पर लालू के भाग्य का फ़ैसला आज

रांची। बहुचर्चित चारा घोटाले में सीबीआई कोर्ट आज मामले में आरोपी लालू यादव समेत 22 लोगों पर अपना फैसला सुनाएगी। इसके लिए लालू यादव शुक्रवार रात ही रांची पहुंच चुके हैं। 13 दिसंबर को पूरी हुई सुनवाई के बाद आज सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत फैसला सुनाएगी।

 

फैसले के पहले राजद प्रमुख लालू यादव ने कहा है कि उन्हें जेल जाना मंजूर है लेकिन घुटने टेकना नहीं।
बता दें कि मामला 950 करोड़ के चारा घोटाले में देवघर कोषागार से 89.4 लाख रुपये अवैध निकासी से जुड़ा है। फैसले के दौरान सभी 22 आरोपियों को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। लालू प्रसाद सहित अन्य आरोपी शुक्रवार की शाम रांची पहुंच गए। लालू के साथ उनके पुत्र तेजस्वी यादव भी रांची आए हैं।

 

देवघर कोषागार मामले में 38 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में दो चार्जशीट दाखिल की गई थी। पहली चार्जशीट 27 अक्टूबर, 1997 को हुई थी। सीबीआई के इंस्पेक्टर सह जांच पदाधिकारी नागेंद्र प्रसाद ने 34 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
वहीं दूसरी चार्जशीट 25 अगस्त, 2004 को हुई थी। इसमें चार आरोपियों का नाम शामिल था। कुल 38 आरोपियों में से न्यायालय में ट्रायल के दौरान 11 का देहांत हो गया। वहीं सीबीआई ने तीन लोगों को सरकारी गवाह बनाया। इसके अलावा दो आरोपियों ने फैसला सुनाए जाने के पूर्व दोष स्वीकार कर लिया।

इन्हें लेकर आना है फैसला-

राजनीतिक नेताओं में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, पूर्व सांसद सह पूर्व मंत्री डॉ. आरके राणा, पूर्व पशुपालन मंत्री विद्या सागर निषाद व पीएसी (लोक लेखा समिति) के तत्कालीन अध्यक्ष धु्रव भगत को लेकर फैसला आना है।
आईएएस
चारा घोटाले में आईएएस अधिकारियों में पूर्व पशुपालन सचिव बेक जुलियस, महेश प्रसाद, तत्कालीन वित्त आयुक्त फूलचंद सिंह व तत्कालीन आयकर आयुक्त अधीप चंद्र चौधरी को लेकर फैसला आना है।
जेल जाना मंजूर लेकिन घुटने टेकना नहीं
चारा घोटाले के एक मामले में फैसला आने से एक दिन पहले राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि मेरे समर्थक जानते हैं कि लालू को साजिश के तहत फंसाया गया है।

मुझे जेल जाना मंजूर है, लेकिन राजनीतिक विरोधियों के आगे घुटने टेकना नहीं।
रांची रवाना होने के पहले लालू ने कहा कि भाजपा के सामने घुटने टेककर मैं अपने परिवार को परेशान होने से बचा सकता था, लेकिन मैं दूसरी मिट्टी का बना हुआ हूं। हार नहीं मानने वाला। हर साजिश और मुसीबत का डटकर मुकाबला करूंगा। लालू ने आरोप लगाया कि भाजपा की चाल मेरी बोलती बंद करने की है, लेकिन मैं चुप नहीं रहूंगा। शनिवार के फैसले पर लालू ने कुछ भी बोलने से इन्कार किया और कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया का मामला है। इससे जुड़े सवाल पर जवाब नहीं दिया जा सकता है।

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