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बीकानेर जमीन घोटाला:बढ़ सकतीं हैं वाड्रा की मुश्किलें

नई दिल्ली। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में कांग्रेस को थोड़ी राहत मिली, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई राबर्ट वाड्रा के इर्द-गिर्द शिकंजा कसना शुरू हो गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीकानेर जमीन घोटाले से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

 

इनमें से अशोक कुमार नाम का एक आरोपी महेश नागर का करीबी है, जो राबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हास्पिटैलिटी का आधिकारिक प्रतिनिधि है। स्काईलाइट हास्पिटैलिटी पर विस्थापितों के लिए निर्धारित जमीन पर फर्जी तरीके से खरीद-बेचकर करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाने का आरोप है।

 

ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने बीकानेर जमीन घोटाले में हुई पहली गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए कहा कि दो मुख्य आरोपियों जयप्रकाश बगरवा और अशोक कुमार को गुरुवार की रात जयपुर से गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों को शुक्रवार को जयपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया।

ईडी के अधिकारी ने तहसीलदार की शिकायत के आधार पर बताया कि इस घोटाले में राजस्थान के सीमावर्ती जिले बीकानेर के 34 गांवों की सरकारी जमीनें प्रभावित हुई हैं। बीकानेर के कोलायत क्षेत्र में 275 बीघा जमीन को इस कंपनी ने कुछ साल पहले खरीदा था।

इतना ही नहीं, जिले के महाजन फायरिंग रेंज के निर्माण के दौरान विस्थापितों के लिए निर्धारित जमीन को फर्जी तरीके के खरीदने-बेचने में जयप्रकाश बगरवा और अशोक कुमार ने अहम भूमिका निभाई थी। ईडी के अनुसार गिरफ्तार अशोक कुमार ने स्काइलाइट हास्पिटैलिटी को 69.55 हेक्टेयर जमीन 72 लाख रुपए में खरीदने में अहम भूमिका निभाई थी।

इसके बाद इसी जमीन को 5.15 करोड़ रुपए में एलीजनी फिनलीज नाम की कंपनी को बेच दिया गया। ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एलीजनी फिनलीज एक मुखौटा कंपनी है और कोई वास्तविक बिजनेस नहीं करती है। यही नहीं, इस कंपनी के कई शेयर होल्डरों का कोई अता-पता ही नहीं है। आशंका है कि यह राबर्ट वाड्रा की मुखौटा कंपनी है।

विस्थापितों के लिए निर्धारित इस जमीन पर अवैध तरीके और फर्जी नामों से रजिस्ट्री कराने के मामले में राजस्थान पुलिस एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही है। इसी आधार पर ईडी ने मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत इस मामले में केस दर्ज किया था।

केस दर्ज करने के बाद ईडी इसी साल अप्रैल में जयप्रकाश बगरवा, नागर और अशोक कुमार के ठिकानों पर छापा मार चुका है। इसके साथ ही राबर्ट वाड्रा से ही इस जमीन के खरीद-फरोख्त से संबंधित कई दस्तावेज जमा कराने को कहा गया था।