कलेक्टर बोले- जबलपुर को आत्मनिर्भर बनाने के लिये चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करें

जबलपुर,  यशभारत।  आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आव्हान को फलीभूत करने जबलपुर को भी आत्मनिर्भर बनाने के लिये चरण बद्ध रोडमैप तैयार किया जाये। तदाशय का निर्देश कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने आज आयोजित बैठक में दिया।

उन्होंने कहा कि इसके लिये जिले में उपलब्ध सभी संसाधनों पर केन्द्रित आगामी तीन वर्षों और 30 दिन के लिये रोडमैप बनाया जाये। इसमें उद्योग, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुशासन और भौतिक अधोसंरचनात्मक विकास सहित हर गतिविधि को शामिल किया जाये।

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की तर्ज पर आत्मनिर्भर जबलपुर की संकल्पना को साकार करने के लिये बनाई जाने वाली कार्ययोजना एवं रोडमेप पर चर्चा करने उद्योग, कृषि, पशुपालन, वन अन्य सबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई।

इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रियंक मिश्र व डीएफओ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के अनुरूप मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जबलपुर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आगामी 3 वर्षों तथा 30 दिन के रोडमैप तैयार करने पर चर्चा की गई।

जिसमें आज मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था,उद्योग एवं रोजगार के सेक्टर पर चर्चा की गई। अगली बैठक में भौतिक अधोसंरचना, सुशासन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर भी चर्चा की जावेगी।

अर्थव्यवस्था एवं रोजगार के लिए रोड मैप में वर्णित विभिन्न सुझावों के अंतर्गत कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र उद्योग एवं कौशल विकास, प्राकृतिक संसाधन, व्यापार एवं वाणिज्य विकास के अंतर्गत आत्मनिर्भर जबलपुर, जिले का एक विशेष पहचान, स्थानीय के लिए मुखर, कृषि में रोजगार से कृषि की इर्द-गिर्द रोजगार के माध्यम से 3 वर्षों का रोडमैप एवं योजनाओं का लाभ एवं कार्ययोजना जो 30 दिन में किया जा सकता है उस पर चर्चा किया गया।

कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों पर चर्चा करते हुए कहा गया है कि ग्रीन मटर जबलपुर को एक विशेष पहचान दिला सकता है इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अंतर्गत एक जिला एक उत्पाद के तहत खेती के क्षेत्र के करीब खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को स्थापित करने के लिए क्लस्टर चिन्हित करना एवं बाजार लिंकेज और कोल्ड स्टोरेज की सुविधा पर भी चर्चा की गई।

पशुपालन क्षेत्र में कृत्रिम गर्भाधान, मिल्क पार्लर बढ़ाने, पशुपालन के लिए युवा संवाद कर युवाओं को आकर्षित करने के साथ किसानों को मधुमक्खी पालन से जोड़ने और शहद प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए अधोसंरचना विकास के संबंध में संबंधित अधिकारियों को शीघ्र रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री शर्मा ने औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के अंतर्गत रक्षा क्षेत्र, रासायनिक उद्योग, चमड़े एवं गैर चमड़ा उद्योग, बैटरी भंडारण, परिधान और वस्त्र आदि के लिए नए औद्योगिक कलेक्टर चिन्हित कर विकसित करने को कहा।

उन्होंने उद्योग और कौशल विकास अंतर्गत रिटेल वेयरहाउसिंग के हब के रूप में जबलपुर को स्थापित करने के लिए भी निर्देशित किया। आत्मनिर्भर जबलपुर के अंतर्गत वन विभाग से वन उत्पाद के जीआईटी टैगिंग और इसकी व्यापक बाजार विस्तार के लिए कार्य योजना बनाने के साथ लकड़ी व बांस के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिये।