सगाई के बाद शादी से मुकरा दूल्हा, पुलिस ने थाना परिसर में कराया विवाह

Betul News: बैतूल। जिले के भैंसदेही थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम पलासपानी की युवती से मार्च माह में सगाई करने के बाद जब महाराष्ट्र के कोंडवर्धा ग्राम के युवक ने शादी करने से इंकार कर दिया तो उसने पुलिस की मदद ली। पुलिस ने दंडात्मक कार्रवाई करने की बजाय दो परिवार को एक करने के लिए प्रयास किया। युवक- युवती के परिजनों की मौजूदगी में मन मुटाव दूर कराया औऱ जब सभी राजी हुए तो गुरुवार शाम को थाना परिसर में ही स्थित हनुमान और शिव मंदिर में विवाह की औपचारिक रस्में पूरी कराकर दूल्हा-दुल्हन को हंसी-खुशी घर रवाना कराया।

भैंसदेही थाना प्रभारी तरन्नुम खान ने बताया कि युवती सरिता ने थाने में शिकायत की थी कि 5 मार्च को उसकी सगाई जगदीश नाम के युवक से हुई थी। जिसके बाद वह तीन महीने तक युवक के घर पारिवारिक संबंध में रही। तीन माह बाद घर लौटी तो अब युवक उससे शादी करने को तैयार नहीं है। शिकायत के बाद भैंसदेही पुलिस ने युवक और उनके परिजनों को थाने बुलाकर समझाईश दी। दोनों परिवारों के बीच उपजे मनमुटाव को दूर किया और युवक-युवती को पुन: साथ रहने की सलाह दी।

पुलिस ने युवक-युवती और उनके परिजनों को समझाइश देकर सहमति से विवाह संपन्न कराया। थाना परिसर में बने मंदिर में पुलिस की मौजूदगी में दूल्हा ने दुल्हन के गले में माला डाली और सिंदूर से उसकी मांग भी भरी। जिसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर राजी-खुशी साथ रहने पर सहमति जताई। परिजनों ने भी मनमुटावों को भूलकर सामाजिक रीति-रिवाज से शादी करने के लिए रजामन्दी दे दी है।

थाना प्रभारी की रही अहम भूमिका

परिवार को पुन: जोडऩे में भैंसदेही थाना प्रभारी तरन्नुम और महिला डेस्क प्रभारी सुमन मिश्रा की अहम भूमिका रही। टीआई ने बताया कि युवक-युवती बालिग हैं औऱ अब दोनों रजामंदी से साथ रहने को तैयार हैं इस कारण थाना परिसर में स्थित मंदिर में उनके विवाह की रस्म पूरी कराई गई है। परिजनों ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही दोनों का आदिवासी समाज की रीति-रिवाज के साथ विवाह कर देंगे।