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पुराने कांग्रेस पदाधिकारी हो सकते रिजेक्ट, नए नामों पर विचार

कटनी। जिला शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पदों की दौड़ में लगे नेताओं में से कुछ को निराश होना पड़ सकता है जबकि दौड़ में पीछे चलने वाले नेताओं के नाम लॉटरी खुल सकती है। सूत्रों के मुताबिक अध्यक्ष पदों की दौड़ में अब तक मजबूत माने जा रहे पुराने नामों को मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने रिजेक्ट कर दिया है।

 

नये नामों पर विचार किया जा रहा है। पता चला है कि तमाम दावेदारों को कल बातचीत के लिए भोपाल बुलाया गया है। नये पुराने सभी दावेदार आज रवाना होंगे।

राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने और गुजरात तथा हिमाचल चुनाव के बाद संगठन के पेंडिंग काम तेजी से निपटाए जा रहे हैं। संगठन चुनाव के अंतर्गत जिला स्तर पर कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति का मसला लंबित है।

पहले मध्यप्रदेश में उपचुनाव और इसके बाद गुजरात तथा हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चलते पार्टी नेताओं की व्यस्तता की वजह से संगठन के महत्वपूर्ण फैसले नहीं हो पा रहे थे। पार्टी नेताओं को राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने का भी इंतजार था।

अब राहुल की ताजपोशी के बाद संगठन में निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश के लिए नये अध्यक्ष और सीएम के चेहरे के ऐलान के पहले जिलों में रिक्त पड़े पदों पर नये अध्यक्ष बिठाए जा सकते हैं। गुजरात चुनाव में पार्टी को मिली 80 सीटों से उत्साहित कांग्रेसजन मध्यप्रदेश में आसन्न विधानसभा चुनाव को लेकर भी पूरी तैयारी से मैदान में उतरने को तैयार है।

ऐसे में जिलों में कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति भी शीघ्र की जा रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि कांग्रेस यदि संगठित होकर मध्यप्रदेश में चुनाव लड़ती है तो गुजरात से बेहतर नतीजे आ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने संगठन के पदों में जल्द से जल्द नियुक्ति को लेकर दिल्ली से दिशा निर्देश प्राप्त भी कर लिए हैं इसी के तहत कल दावेदारों को भोपाल बुलाया गया है।

बावरिया जिला शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पद के दावेदारों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। हालंाकि संगठन चुनाव के अंतर्गत ब्लाक और जिला शहर तथा ग्रामीण अध्यक्षों के लिए रायशुमारी के नतीजों की फाइल बीआरओ और डीआरओ ने पहले ही बावरिया तक पहुंचा दी है। इसके बावजूद दीपक बावरिया नये नामों पर भी विचार कर रहे हैं।

सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि पुराने दावेदारों को सिरे से खारिज कर नये लोगों पर विचार किया जा रहा है। संगठन में हावी गुटबाजी को रोकने के फार्मूले के तहत कटनी में दोनों पद पर नये नाम सामने आ जाऐं तो कोई आश्चर्य नहीं।

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