उप चुनाव परिणाम के बाद शुरू हुई मंत्रिमंडल में जगह पाने की जद्दोजहद

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भोपाल। उपचुनाव में जीत के बाद शिवराज सरकार सुरक्षित हो गई है। भाजपा सरकार में मंत्री रहे प्रत्याशियों की हार के बाद खाली जगह में खुद का स्थान बनाने के लिए विधायक अब भागदौड़ कर रहे हैं। कुछ विधायक तो पार्टी के प्रदेश कार्यालय भी पहुंचे और यह भी कहा कि उनके क्षेत्र को स्थान मिलना चाहिए। पिछले मंत्रिमंडल के दावेदारों के अरमान भी जाग गए हैं।

भिंड से विधायक गिरीश गौतम प्रदेश कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उम्मीद है कि उनकी क्षेत्र की जनता की मांग को अनसुना नहीं किया जाएगा। विंध्य क्षेत्र से विधायक जुगल किशोर ने भी पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात की।

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वहीं, बुंदेलखंड से हरिशंकर खटीक भी एक बार फिर दावेदारी जता रहे हैं। वे पिछले मंत्रिमंडल में भी मंत्री पद के लिए दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें प्रदेश महामंत्री बनाकर इसकी भरपाई की थी। हालांकि इस बार फिर वे मंत्रिमंडल में स्थान पाने के लिए प्रयासरत हैं। इनके अलावा और भी विधायक ऊपरी स्तर पर संपर्क कर मंत्री बनने की जद्दोजहद में जुटे हैं।

मंत्रिमंडल में छह पद रिक्त हैं। दो पद तो गोविंदसिंह राजपूत और तुलसी सिलावट को स्वाभाविक रूप से वापस मिल जाएंगे, क्योंकि छह माह में विधायक नहीं बन पाने की संवैधानिक बाध्यता के चलते इन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब बचे चार पदों के लिए कई दावेदार हैं।

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दावेदारों में संजय पाठक,राजेंद्र शुक्ल,गौरीशंकर बिसेन, रामपाल सिंह, अजय विश्नोई, केदार शुक्ला,सुरेंद्र पटवा,महेंद्र हार्डिया, गिरीश गौतम, कुंवरसिंह टेकाम, नंदिनी मरावी, रामेश्वर शर्मा, सीतासरन शर्मा, सुदर्शन गुप्ता, रमेश मेंदोला ,अशोक रोहाणी आदि शामिल हैं।

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