कमला हैरिस बोलीं, 19 साल की उम्र में मां श्यामला जब भारत से अमेरिका आई थीं तो उन्होंने यह कल्पना नहीं की थी

भारतवंशी कमला हैरिस अमेरिका की उपराष्ट्रपति चुनी गईं भारतवंशी कमला हैरिस जीत से काफी खुश हैं। उन्होंने अपने समर्थकों का दिल से धन्यवाद किया है। जीत के बाद अपने पहले संबोधन में अपनी मां श्यामला गोपालन को याद करते हुए कहा कि 19 साल की उम्र में जब वह भारत से अमेरिका आईं थी तो उन्होंने इसकी कल्पना भी नहीं की थी।

भारतवंशी कमला हैरिस जीत से काफी खुश

अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति चुनी गईं हैरिस ने कहा, ‘हमें आगे बहुत काम करना है। मैं बेशक इस पद के लिए चुनी गई पहली महिला हूं लेकिन मैं आखिरी नहीं हूं।’ कमला हैरिस ने कहा, ‘मैं आज यहां अपनी उपस्थिति के लिए सबसे ज्यादा जिस जिम्मेदार महिला की आभारी हूं, वो मेरी मां, श्यामला गोपालन हैरिस हैं। जब वे 19 साल की उम्र में भारत से आई थीं तो शायद उन्होंने इस पल की कल्पना नहीं की थी, लेकिन वह अमेरिकी मूल्यों में इतनी गहराई से विश्वास करती थीं, जहां ऐसे मौके संभव हैं।’

I am thinking about her & generations of women, black women, Asian, White, Latina, Native American women who throughout our nation’s history have paved the way for this moment tonight: US Vice President-elect Kamala Harris. #USElection https://t.co/eXXdZZRlJ7
— ANI (@ANI) November 8, 2020

हैरिस ने आगे कहा, ‘आज रात को अपनी मां और उनकी पीढ़ी की महिलाओं के बारे में, अश्वेत महिलाओं, एशियन, व्हाइट, लैटिन, नेटिव अमेरिकन महिलाओं के बारे में सोच रही हूं, जो अमेरिका के इतिहास में लगातार इस पल के लिए संघर्ष करती रही हूं, जिन्होंने इस पल के लिए मार्ग प्रशस्त किया है।’

हैरिस ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी जीत महिलाओं के लिए केवल एक शुरुआत है क्योंकि अमेरिकी इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाली वे पहली महिला हैं। डेलावेयर में एक विजय रैली को संबोधित करते हुए हैरिस ने कहा, ‘बेशक मैं इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हूं, लेकिन मैं आखिरी नहीं रहूंगी। आज की रात हमें देखने वाली हर छोटी लड़की देख रही है कि यह संभावनाओं का देश है।’

तमिलनाडु के थुलासेंद्रापुरम गांव में जश्न
बता दें कि कमला हैरिस की जीत के बाद तमिलनाडु के तिरुवर जिले के थुलासेंद्रापुरम गांव में जश्न का माहौल है। कमला हैरिस की मां श्यामला गोपालन इसी गांव की रहने वाली थीं। ग्रामीणों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए एक-दूसरे को बधाई दी, पटाखे जलाए और मिठाई खिलाई।